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Guideline for Schools: स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं कर सकते बच्चों को, देखिए यूपी सरकार ने स्कूलों के लिए जारी गाइडलाइन में क्या-क्या दिये निर्देश

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यूपी सरकार ने दिसंबर के आखिर में ही स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की थी। इस गाइडलाइन के मुताबिक अब स्कूल प्रबंधन बिना अभिभावकों की सहमति के किसी भी बच्चे को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। वही स्कूलों को रोज सेनेटाइज करना होगा।

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Guideline for Schools due to corona case increasing

Guideline for Schools due to corona case increasing

Guideline for Schools: कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यूपी सरकार ने दिसंबर के आखिर में ही स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की थी। ये गाइडलाइन अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने सभी जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक को जारी किया था। स्कूलों को इन गाइड लाइन को सख्ती से लागू करने को कहा गया है। जारी आदेश में स्कूलों को विकल्प के तौर पर आनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये गये।

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बच्चों को नहीं कर सकते स्कूल आने के लिए बाध्य

अब स्कूल प्रबंधन बिना अभिभावकों की सहमति के किसी भी बच्चे को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है। इसके साथ ही स्कूल परिसर में सभी लोगों को आवश्यक रूप से मास्क पहनना होगा। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने गाइड लाइन भी जारी कर दी है। स्कूलों को विकल्प के तौर पर ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करानी होगी। यदि स्कूल में किसी को भी जुकाम, बुखार आदि के लक्षण दिखते हैं तो उसे चिकित्सीय सलाह के साथ उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कोई भी आयोजन तब ही किया जाए जब उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा सकता हो।

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रोजाना सैनिटाइज करना होगा स्कूल

स्कूल में अगर कोई प्रार्थना सभा या किसी तरह की खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधि हो रही है तो ऐसे में कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करना होगा। स्कूलों को रोज सेनेटाइज करना होगा। प्रवेश करते समय शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं की थर्मल स्कैनिंग की जाए। हैंडवॉश और हाथों को सेनेटाइज कराने की व्यवस्था गेट पर ही की जाए। स्कूल की छुट्टी के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाए। विद्यालय के अंदर भी कम से कम छह फीट की दूरी का पालन कराया जाए। स्कूली वाहनों को भी रोज सेनेटाइज कराया जाए। बसों आदि के अंदर भी शारीरिक दूरी तय की जाए। इसके साथ ही शिक्षकों व कर्मचारियों का वैक्सीनेशन भी अनिवार्य रूप से कराया जाए।