
वृक्ष भंडारा कराएगा वन विभाग, तीन महीने में 80 प्रतिशत पौधे रोपने का लक्ष्य
लखनऊ. हरियाली बढ़ाने के लिए हो रहे पौधारोपण अभियानों के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लक्ष्य हासिल करने और पौधों के बेहतर संरक्षण के लिए वन विभाग इस बार पौधारोपण अभियान में इस बात पर विशेष बल देगा कि उनके संरक्षण के लिए समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही वन विभाग खुद एक तिहाई पौधे लगाएगा जबकि दो तिहाई पौधे अन्य विभागों व जनता के सहयोग से लगाए जायेंगे। पत्रिका के हरियाली का सच अभियान में यह बात सामने आई थी कि बड़ी संख्या में पौधे रोपे तो जाते हैं लेकिन उनका संरक्षण नहीं हो पाता है। वन विभाग ने इस बात को ध्यान में रखते हुए संरक्षण के लिए सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की रूपरेखा तय की है।
लखनऊ मंडल में डेढ़ करोड़ पौधे
वन विभाग के लखनऊ मंडल के मुख्य वन संरक्षक के प्रवीण राव ने बताया कि इस साल वन विभाग ने लखनऊ मंडल में डेढ़ करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है। इन पौधों में से 40 लाख पौधे वन विभाग खुद रोपेगा जबकि शेष पौधे अन्य सरकारी विभागों, गैर सरकारी संस्थाओं और जनता के सहयोग से रोपे जायेंगे। इस तरह वन विभाग खुद लक्ष्य का एक तिहाई पौधा रोपेगा जबकि दो दिहाई पौधे अन्य संस्थाओं की मदद से रोपे जायेंगे। पौधों को रोपने के बाद उनका संरक्षण हो सके, उसके लिए चार चरणों की कार्ययोजना तैयार की गई है। पौधारोपण से लेकर उसकी देखरेख और संरक्षण तक पर विशेष ध्यान रखने की कोशिश होगी।
समाज की मदद से वृक्ष भंडारा
वन विभाग समाज को अपने पौधारोपण अभियान में शामिल करने के लिये एक विशेष कार्यक्रम भी चलाएगा। वृक्ष भंडारा के आयोजन में समाज को शामिल किया जाएगा। वृक्ष भंडारा के माध्यम से ऐसे लोगों को अभियान में जोड़ा जाएगा जिनके पास जमीन नहीं है लेकिन वे पौधारोपण के अभियान में हिस्सा लेना चाहते हैं। ऐसे लोगों को प्रेरित किया जाएगा कि वे पौधे देकर सहयोग करें। ये पौधे उन लोगों में वितरित किये जायेंगे, जिनके पास अपनी जमीन तो है लेकिन वे पौधे नहीं खरीद पा रहे हैं। इस तरह यह अभियान समाज को पर्यावरण संरक्षण के अभियान में शामिल करने की कोशिश करेगा। मुख्य वन संरक्षक के प्रवीण राव ने बताया कि समाज की मदद से चलाये जाने वाले अभियान में पौधों के संरक्षण की अधिक संभावना रहती है।
तीन महीने में 80 प्रतिशत रोपाई का लक्ष्य
वन विभाग का पौधारोपण कार्यक्रम जुलाई से शुरू होकर एक वर्ष तक चलता है लेकिन कोशिश होगी कि तीन माह में 80 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया जाये। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश होती है और इन महीनों में पौधे रोपकर बेहतर नतीजे हासिल किये जा सकते हैं। पौधों के संरक्षण के लिए बजट की कमी सामने न आये, इसके लिए भी वन विभाग ने प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा है क्योंकि बड़ी संख्या में पौधे इसलिए नष्ट हो जाते हैं क्योंकि उनकी देखरेख की बेहतर व्यवस्था नहीं हो पाती।
Published on:
17 Jun 2018, 3:35 PM IST
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