
उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर मकान मालिकों को सरकार ने दी रोजगार की सुविधा।
उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास करने वाला राज्य है। यहां साल 2023 में 48 करोड़ से ज्यादा पर्यटक आए। यह साल 2022 में आए कुल पर्यटकों की संख्या से 50 प्रतिशत से ज्यादा है। आने वाले दिनों में इसमें गुणात्मक रूप से बढ़ोतरी होगी। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद वहां प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसके अलावा अन्य स्थलों पर भ्रमण करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इतने बड़े पैमाने पर पर्यटकों के आगमन के दृष्टिगत ठहरने की पर्याप्त और उत्तम व्यवस्था के लिए पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग निरंतर प्रयासरत है। होटल, रिजॉर्ट, गेस्ट हाउस, मोटल्स आदि के निर्माण पर छूट दी जा रही है। इसके साथ ही मकान मालिकों को अपना घर होम स्टे बनाने के लिए मौका दिया जा रहा है।
पर्यटन में यह बढ़ोतरी मध्यमवर्गीय लोगों के लिए रोजगार का बड़ा साधन बन सकता है, क्योंकि विभाग ठहराव स्थल के रूप में होम स्टे में बहुत संभावनाएं देख रहा है। बिना किसी अतिरिक्त खर्च के लोग अपने घरों को होम स्टे बना सकते हैं। शर्त यह है कि उसमें बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं। साथ ही अपने घर को होम स्टे बनाने के लिए सरकार के पोर्टल nidhi.tourism.gov.in पर रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई करना होगा। निधि पोर्टल पर आवेदन के बाद आईडी जनरेट हो जाएगी। यह आपकी मेल पर मिलेगी। इसके बाद 6389300559 पर कॉल कर अपनी यही आईडी बतानी होगी, संबंधित अधिकारी, कर्मचारी कुछ समय में वीडियो कॉल पर ही वेरिफिकेशन करेंगे। मानक पर खरा उतरने के बाद पंजीकरण कर दिया जाएगा।
वाराणसी में बीते साल 2023 में लगभग 10 करोड़ 19 लाख पर्यटक पहुंचे थे। दो लाख 20 हजार से ज्यादा विदेशी और 10 करोड़ 16 लाख से ज्यादा घरेलू पर्यटक थे जबकि साल 2022 में लगभग सात करोड़ 12 लाख से ज्यादा पर्यटक थे। इस प्रकार एक साल में यहां तीन करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके हिसाब से ठहरने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अयोध्या में साल 2023 में पर्यटकों की संख्या 5 करोड़ 75 लाख से अधिक पहुंच गई। जबकि साल 2022 में दो करोड़ 39 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। इस प्रकार एक साल में तीन करोड़ से अधिक पर्यटक बढ़ गए। यह आंकड़े तब दर्ज किए गए जब रामलला श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला विराजमान नहीं हुए थे। प्राण- प्रतिष्ठा के बाद प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा लोग दर्शन-पूजन और भ्रमण के लिए पहुंच रहे हैं।
प्रयागराज में साल 2023 में लगभग पांच करोड़ सात लाख पर्यटक पहुंचे थे। जबकि साल 2022 में यहां लगभग दो करोड़ 56 लाख पर्यटक पहुंचे थे। इस प्रकार यहां लगभग ढाई करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। अगले साल महाकुंभ है। इसमें 40 करोड़ से ज्यादा पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह बढ़ोतरी इसलिए भी संभव है, क्योंकि साल 2019 में कुंभ का आयोजन हुआ था। इस दौरान जनवरी, फरवरी और मार्च में करीब 24 करोड़ पांच लाख श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे थे। साल 2013 में कुंभ था (अब महाकुंभ नाम दिया गया है) जिसमें तीन महीने के दौरान लगभग आठ करोड़ लोग पहुंचे थे। यानी साल 2013 की तुलना में 2019 में तीन गुणा श्रद्धालु पहुंचे। अब जब छह साल बाद महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है तो स्वाभाविक है इसमें पर्यटकों की संख्या में बड़ी वृद्धि होगी।
यह तो कुछ महत्वपूर्ण स्थलों पर बढ़ते पर्यटन के उदाहरण भर थे। इसके अलावा आगरा, मथुरा, नैमिषारण्य, सारनाथ, बुंदेलखंड, विंध्याचल समेत अन्य स्थलों पर दर्शन-पूजन और भ्रमण करने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इस प्रकार प्रदेश में ठहराव स्थल एक बड़ा व्यवसाय बनकर उभरेगा। विशेषकर उन लोगों के लिए जिनके पास होटल, रिजॉर्ट आदि के निर्माण के लिए बड़ी पूंजी नहीं है। ये लोग होम स्टे के माध्यम से अपनी अच्छी- खासी कमाई कर सकते हैं।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि होम स्टे कई लाभ हैं। पहला मकान स्वामी की बिना किसी लागत के अच्छी आय, दूसरा पर्यटकों को घरेलू माहौल में ठहरने का अनुभव, तीसरा यदि होम स्टे ग्रामीण क्षेत्र में है तो ग्रामीण परिवेश का आनंद। मकान स्वामी और पर्यटकों के साथ-साथ आसपास के वह लोग जो आजीविका के अन्य माध्यमों से जुड़े हैं, उनका लाभ होगा।
Updated on:
02 Apr 2024 07:44 pm
Published on:
02 Apr 2024 07:42 pm
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