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लापता बेटे की तलाश में मां-बाप, सीएम से की मदद की अपील

हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर अपने गुमशुदा बेटे की तलाश में बैठा एक दंपत्ति सिस्टम की मार से रोने को मजबूर दिखा।

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लखनऊ. हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर अपने गुमशुदा बेटे की तलाश में बैठा एक दंपत्ति सिस्टम की मार से रोने को मजबूर दिखा। न कोई उनकी सुनने वाला, न उनके साथ कोई मदद करने वाला। मंगलवार को इस दंपत्ति ने अपने 14 वर्षीय लापता बेटे सचिन मौर्य को ढूंढ़ने की अपील की। इनके मुताबिक पुलिस से लेकर सीएम के जनता दरबार तक सचिन के माँ-बाप ने हर जगह बच्चे की ढूंढने की अर्जी लगाई लेकिन सुनवाई कहीं नहीं। अब मीडिया के माध्यम से अपने बेटे की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

गायब हुए छात्र सचिन के माँ-बाप सहित उनके घरवाले मंगलवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा में धरने पर बैठे। उनकी मांग है कि घटना में दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाई के साथ मामले की सीबीआई जांच हो। सचिन के मां-बाप का कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह अपने इकलौते पुत्र के दुख में आत्महत्या कर लेंगे। बता दें कि मऊ जिले के थाना सरायलखंसी के बुढ़ावे गाँव के रहने वाले विनोद कुमार मौर्या के पुत्र सचिन मौर्य 27 सितम्बर 2017 को घर से कोचिंग के लिए निकले थे, जिसके बाद से वह घर लौटा ही नहीं।

सचिन मौर्या के पिता ने गांव के ही चन्द्रभान यादव के खिलाफ थाना सराय लखंसी में एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने किसी भी प्रकार की कार्यवाई नहीं की। सचिन के पिता विनोद कुमार मौर्या का कहना है कि चन्द्रभान से उनकी पुरानी रंजिश है। इसलिए उन्हें शक है कि उनके पुत्र के अपहरण में चन्द्रभान की साजिश हो सकती है।

विनोद कुमार मौर्या का कहना है कि घटना के दूसरे दिन उनके पुत्र की साइकिल एक तालाब में मिली और अपहरण स्थल का पता चल गया लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं की। विनोद कुमार मौर्या का कहना है कि आरोपी चन्द्रभान यादव 3 माह 19 दिन जेल में रह चुका है। एफआईआर के 13 दिन बाद थानाध्यक्ष सुनील चंद्र तिवारी ने चन्द्रभान से पूछताछ की लेकिन उसके बाद आरोपी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया और वह खुलेआम घूम रहा है।


विनोद कुमार मौर्या ने बताया कि थाने में सुनवाई न होने के बाद उन्होंने मऊ जिले के पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया लेकिन को लिखित और मौखिक रूप से घटना के बारे में बताया लेकिन वहां से भी निराशा हाथ लगी। विनोद कुमार मौर्या ने बताया कि इसके बाद उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में 9 अक्टूबर को प्रार्थनापत्र दिया और जनसुनवाई पोर्टल पर दो-दो बार शिकायत दर्ज करवाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय वाराणसी में भी शिकायत कराई लेकिन कोई कार्यवाई नहीं हुई।

सीबीआई जांच के लिए दिया पत्र


विनोद कुमार मौर्या ने बताया कि 21 सितम्बर 2017 को उन्होंने मुख्यमंत्री और डीजीपी को घटना की सीबीआई जांच के लिए लेटर लिखा था लेकिन अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हुई।