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BJP में नए चेहरों को लेकर कहीं इस्तीफे तो कहीं…! 3 जिलों में सबसे ज्यादा विरोध

UP Politics: BJP द्वारा लंबे समय बाद जिलों की संगठनात्मक टीमों में बदलाव किए जाने के बाद कई जगहों पर नए चेहरों की छवि लेकर विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं।

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लखनऊ

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Harshul Mehra

Mar 29, 2026

protests and resignations over new faces in bjp know what pankaj chaudhary said

UP Politics: BJP में नए चेहरों को लेकर कहीं इस्तीफे तो कहीं विरोध।फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

UP Politics: BJP द्वारा लंबे समय बाद जिलों की संगठनात्मक टीमों में बदलाव किए जाने के बाद कई जगहों पर नए चेहरों की छवि और अनुभव को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कुछ जिलों में कम अनुभवी नेताओं को महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद दिए जाने से कार्यकर्ताओं में असंतोष है, जबकि कहीं आपराधिक छवि वाले लोगों को संगठन में जगह मिलने से नाराजगी बढ़ गई है। इस फैसले के विरोध में कई जिलों से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के इस्तीफे भी सामने आए हैं, जिससे पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में संगठन की नई सिरे से समीक्षा करते हुए पार्टी डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर सकती है।

कुछ जिलों में घोषित पदाधिकारियों को लेकर पार्टी के भीतरअसंतोष

BJP को प्रदेश के 98 संगठनात्मक जिलों में पदाधिकारियों की टीमें गठित करनी हैं। इनमें से ब्रज, पश्चिम, अवध, कानपुर और काशी क्षेत्र के 17 जिलों में अब तक पदाधिकारियों के नामों पर सहमति नहीं बन सकी है, जबकि बाकी जिलों की टीमें घोषित कर दी गई हैं। कुछ जिलों में घोषित पदाधिकारियों को लेकर पार्टी के भीतर ही असंतोष सामने आ रहा है। अयोध्या महानगर में महामंत्री बनाए गए शिवेंद्र सिंह को लेकर पुराने कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है। उनका आरोप है कि शिवेंद्र सिंह के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि संगठन में उन्हें पहले कभी कोई बड़ा पद नहीं मिला, ऐसे में सीधे महामंत्री बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

चिंतामणि पांडे को मीडिया प्रभारी बनाए जाने पर भी चर्चा

इसी तरह लखनऊ जिले में चिंतामणि पांडे को मीडिया प्रभारी बनाए जाने पर भी चर्चा हो रही है। वह प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं और उनके चयन को लेकर लखनऊ के सरोजिनी नगर विधानसभा क्षेत्र के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। इसके अलावा कई जिलों में संगठन की नई टीमों को लेकर एक और मुद्दा उठ रहा है। ललितपुर जिले को छोड़कर अब तक घोषित अन्य जिलों की टीमों में 7 महिलाओं को स्थान देने के निर्धारित मानक को पूरा नहीं किए जाने की बात भी सामने आ रही है, जिस पर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा चल रही है।

जितेंद्र गौड़ को महामंत्री बनाए जाने के फैसले पर नाराजगी

इटावा में जितेंद्र गौड़ को महामंत्री बनाए जाने के फैसले पर नाराजगी सामने आई है। पूर्व विधायक अशोक दुबे के पुत्र अंशुल दुबे ने इस फैसले के विरोध में पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने समर्थकों के साथ लखनऊ पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने की भी बात कही है। वहीं आगरा महानगर में भी संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर असंतोष दिखाई दिया है। पद ना मिलने से नाराज पूर्व पार्षद मोहन सिंह लोधी और एकता जैन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा महानगर महामंत्री बनाए गए नितेश शिवहरे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नितेश शिवहरे को MLC विजय शिवहरे के भांजे हैं। जिस कारण संगठन में परिवारवाद के आरोप लगाए जा रहे हैं।

पीयूष अग्रवाल को लेकर भी विरोध

कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि संगठन में लोधी समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। वहीं पूर्व पार्षद ममता शर्मा ने भी तंज कसते हुए कहा कि वह इतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं संभाल पाएंगी और इसी के साथ उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पीलीभीत में महानगर महामंत्री बनाए गए पीयूष अग्रवाल को लेकर भी विरोध सामने आ रहा है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज होने की बात कहते हुए कुछ लोग उनके चयन का विरोध कर रहे हैं। गोंडा में नामित सभासदों की सूची में अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से नाराजगी देखने को मिली है। इस मुद्दे पर अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष ने विरोध जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

नीलम बाजपेई ने सभासद पद छोड़ा

हमीरपुर में नीलम बाजपेई ने जिला इकाई में पदाधिकारी न बनाए जाने से नाराज होकर सभासद पद छोड़ दिया है। वहीं कानपुर उत्तर जिले में मंडल प्रभारी आनंद मिश्रा ने जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। कानपुर दक्षिण में भी संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। यहां विधानसभा अध्यक्ष के करीबी लोगों को अधिक पद मिलने की चर्चा है, जबकि सांसद रमेश अवस्थी के समर्थकों में नाराजगी बताई जा रही है। इसके अलावा किदवई नगर विधायक महेश त्रिवेदी का पोस्टर फाड़ने के आरोप में चर्चा में रहे विनय मिश्रा को जिला मंत्री से पदोन्नत कर उपाध्यक्ष बनाए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा विरोध अयोध्या, इटावा और आगरा में हो रहा है।

क्या बोले BJP प्रदेश अध्यक्ष

BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का कहना है, ''संगठन में निष्ठावान और पुराने कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा। वहीं अनुशासनहीनता करने वाले या किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के लिए संगठन में कोई स्थान नहीं होगा।''