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बदलता ट्रेंड: 75% IIT छात्र विदेश में नौकरी के बजाए खोलना चाह रहे स्टार्ट-अप

पद्म विभूषण वैज्ञानिक रघुनाथ माशेलकर बोले, 75% IIT छात्र विदेश में नौकरी के बजाए खोलना चाह रहे स्टार्ट-अप

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बदलता ट्रेंड: 75% IIT छात्र विदेश में नौकरी के बजाए खोलना चाह रहे स्टार्ट-अप

लखनऊ. इन दिनों इंजीनियरिंग क्षेत्र में ट्रेंड बदलता दिख रहा है। अब आईआईटी के छात्र विदेश में नौकरी के बजाए अपना स्टार्ट-अप खोल रहे हैं। यह कहना है पूर्वी सीएसआईआर हेड व पद्म विभूषण वैज्ञानिक रघुनाथ माशेलकर का, जो शुक्रवार को एकेटीयू में होने वाले 16 दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। राजधानी पहुंचे रघुनाथ माशेलकर ने पत्रकारों से बातचीत में बतया कि इंजीनियरिंग छात्रों की दिलचस्पी अब नौकरी के बजाए स्टार्ट-अप में है। उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में भारत स्टार्ट-अप का हब बन जाएगा।

तेजी से बढ़ रहा स्टार्ट-अप ट्रेंड

वैज्ञानिक रघुनाथ माशेलकर ने बताया कि इन दिनों देश में स्टार्ट-अप ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि भारत फास्टेस्ट ग्रोइंग स्टार्ट-अप के मामले में तीसरे नंबर पर है। उनके मुताबिक ये ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ रही है। डॉ माशेलकर ने कहा कि स्टार्ट-अप इंडिया में पेटेंट का बहुत महत्व है। उसके लिए सरकार ने बहुत काम किये हैं। पेटेंट का 80 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी। यह अच्छी पहल है। हर स्टेट की अलग पॉलिसी आ रही है स्टार्ट-अप की। आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है।

विदेश जाने का ट्रेंड घटा है

उनके मुताबिक, अब विदेश में नौकरी करने के लिए जाने का ट्रेंड घटा है।अब बच्चे भारत मे ही अपना गूगल और माइक्रोसॉफ्ट बनाने के प्रयास में रहते हैं। आज की यवाओं पीढ़ी अलग है। अब बच्चे अपने देश मे रुक कर अपना स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं। आईआईटी का उदाहरण देते हुए डॉ. रघुनाथ माशेलकर ने कहा कि अब हर चार में से तीन छात्र स्टार्ट-अप खोलना चाहते हैं। जॉब सीकर नहीं वे जॉब प्रोवाइडर बनना चाहते हैं।

सारे स्टार्ट-अप सक्सेस नहीं हो सकते

अब बच्चे नौकरी छोड़कर देने वाले बन रहे हैं।इसके लिए सरकार बहुत काम कर रही है। इनोवेशन के लिए आईडिया मांगे जाते हैं फिर उन्हें डेवलप किया जाता है। अब इको सिस्टम तैयार हो चुका है। स्टार्ट-अप सभी सक्सेस नही हो सकते हैं। कई बार आइडिया अच्छे होते हैं लेकिन धरातर पर नहीं उतरते हैं। ऐसे में सही गाइडेंस की भी जरूरत है। इसके लिए मेंटरशिप के प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं।

एकेटीयू का दीक्षांत शुक्रवार को

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) का 16वां दीक्षांत समारोह 12 अक्टूबर को बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित किया जाएगा। समारोह में 62 हजार छात्र-छात्राओं को उपाधि और 67 मेधावियों को मेडल दिया जाएगा। इसमें एक कुलाधिपति स्वर्ण पदक भी शामिल है। इसके अलावा 59 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी जाएगी। दीक्षांत समारोह में डॉ. आरए माशेलकर को डीलिट की उपाधि प्रदान की जाएगी। बतौर मुख्य अतिथि डॉ. आरए माशेलकर दीक्षांत भाषण देंगे। दीक्षांत समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन और यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक उपस्थित रहेंगे।