27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

निराश्रितों के पास राशन कार्ड नहीं तो मिलेगा 1000 रुपए, यह वाला कार्ड नहीं तो मिलेगी 2000 की मदद

राज्य में जिन निराश्रित व्यक्तियों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें सहायता के रुप में एक हजार रुपए दिया जाएगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Abhishek Gupta

•

Updated: 30 May 2020, 8:24 PM IST

CM yogi

CM yogi

लखनऊ. राज्य में जिन निराश्रित व्यक्तियों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें सहायता के रुप में एक हजार रुपए दिया जाएगा। सीएम योगी ने शनिवार को टीम-11 संग बैठक कर यह निर्णय लिया है। यूपी सरकार की ओर से अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि अब ग्राम स्तर पर प्रधान की यह जिम्मेदारी होगी कि यदि किसी व्यक्ति के पास राशन कार्ड नहीं है, तो उसे 1000 रुपए तुरंत दिया जाएगा। ऐसे लोगों के राशन कार्ड भी बनाए जाएं, जिससे उन्हें नियमित तौर पर खाद्यान्न मिलता रहे। वहीं प्रदेश में किसी भी हाल में कोई भूखा नहीं रहना चाहिए।

ये भी पढ़ें- यहां एक साथ आए 36 नए कोरोना मामले से प्रशासन में मचा हड़कंप, स्वास्थ विभाग ने दिया बड़ा बयान

आयुष्मान भारत योजना का कार्ड नहीं, तो दी जाए 2000 रुपए की मदद-

इसी के साथ ही सीएम योगी ने गम्भीर रूप से बीमार निराश्रित का भी संज्ञान लिया और कहा कि इनके पास यदि आयुष्मान भारत योजना अथवा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का कार्ड नहीं है, तो उसकी तत्काल 2 हजार रुपए की मदद दी जाए। साथ ही उनके समुचित उपचार की व्यवस्था भी की जाए। इसके अतिरिक्त सीएम योगी ने किसी निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को अन्तिम संस्कार के लिए 5000 रुपए की आर्थिक मदद पहुंचाने के भी निर्देश दिए हैं।

ये भी पढ़ें- यूपी सरकार का बड़ा आदेश, सभी सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलेगा मिड डे मील का राशन व पैसा

कामगारों/श्रमिकों को एक हजार रुपए-

यहीं नहीं सीएम योगी ने होम क्वारंटाइन के दौरान कामगारों/श्रमिकों को 1-1 हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी डीएम व सीएमओ नियमित तौर पर निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करें कि सभी कोविड अस्पताल सुचारु रूप से संचालित हों। उन्होंने कहा कि कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति हर हाल में क्वारंटीन सेन्टर अथवा कोविड अस्पताल में ही रहे।