4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छात्रों के लिए चली बसों के लिए राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार को भेजा 36.36 लाख का बिल

लखनऊ. बसों को लेकर राजनीति जारी है। हालांकि गुरुवार को जिन बसों को लेकर राजनीति गर्माई वह राजस्थान के कोटा से छात्रों को यूपी में लेकर आई थी।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Abhishek Gupta

May 21, 2020

Bus fare

Bus fare

लखनऊ. बसों को लेकर राजनीति जारी है। हालांकि गुरुवार को जिन बसों को लेकर राजनीति गर्माई वह राजस्थान के कोटा से छात्रों को यूपी में लेकर आई थीं। सोशल मीडिया पर 5 मई को राजस्थान सरकार द्वारा यूपी सरकार को लिखा गया पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें 36,36,664 रुपए बकाए बिल भरने की मांग की जा रही है। श्रमिकों को बसों से लाने के मामले के बीच इस पत्र के सामने आने के बाद एक बार फिर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने दिखे। भाजपा का कहना है कि प्रियंका गांधी का यही सेवा धर्म है। बच्चों को घर पहुंचाने के बदले कांग्रेस की सरकार अब किराया वसूलने में लगी है। इसके जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि यूपी सरकार और राजस्थान सरकार में पहले ही बिल को लेकर बात हो गई थी, फिर आखिर विवाद किस बात का। इस बीच उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है सभी बिल भरे जा चुके हैं।

ये भी पढ़ें- ग्रीन से रेड जोन में आया यह जिला! एक साथ आए करीब 100 नए मामले, स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता

पत्र में क्या लिखा है -

पांच मई को जारी पत्र में लिखा गया था कि राजस्थान परिवहन निगम की बसों द्वारा 17 से 19 अप्रैल के बीच कोटा के छात्रों को यूपी के फतेहपुर सीकरी (आगरा) और झांसी तक पहुंचाया गया था। इसका किराया 36,36,664 रुपए अभी तक नहीं दिया गया है। पत्रा में RTGS के माध्यम से भुगतान करने का आग्रह किया गया है। साथ ही बैंक की डीटेल भी संलग्न हैं।

ये भी पढ़ें- बनारस में कोरोना के 8 नए मरीजों की पुष्टि, दो दिन में ही बढ़े 22 मरीज

यूपी परिवहन विभाग के अधिकारियों का यह है कहना-

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के अधिकारियों की मानें तो छात्रों को लाने के लिए जब यूपी परिवहन निगम की बसें कोटा गई तो 94 बसें कम पड़ गई थी। राजस्थान परिवहन निगम से इन 94 बसों को लिया गया था। इसी के लिए 36 लाख रुपए से ज्यादा का बिल भेजा गया था। उससे पूर्व यूपी परिवहन निगम की 320 बसें कोटा भेजी गई थी। वहां उन्होंने राजस्थान परिवहन निगम से 19.30 लाख का डीजल डलवाया था। उसका भी भुगतान उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने कर दिया था। अधिकारियों के मुताबिक राजस्थान सरकार को पूरा भुगतान दिया जा चुके हैं। अब कोई बकाया नहीं है।