
लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने पूर्व BJP सांसद संघमित्रा मौर्य को जमानत दे दिया है । संघमित्रा पर बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने का आरोप है। कई बार नोटिस जारी होने के बाद कोर्ट में पेश न होने के बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। एसीजेएम तृतीय MP-MLA अलोक वर्मा की कोर्ट में करीब 2 घंटे तक सुनवाई चली। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। संघमित्रा मौर्या बदायूं से भाजपा की पूर्व सांसद रही हैं। चुनावी हलफनामे में उन्होंने खुद को अविवाहित बताया था।
पत्रावली के अनुसार, सुशांत गोल्फ सिटी के रहने वाले वादी दीपक कुमार स्वर्णकार ने अदालत में संघमित्रा व स्वामी प्रसाद मौर्या समेत अन्य के खिलाफ परिवाद दाखिल किया है। वादी का आरोप है कि वह एवं संघमित्रा 2016 से लिव इन रिलेशन में रह रहे थे।कहा गया है कि संघमित्रा और उसके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य ने वादी को बताया कि संघमित्रा का पहले विवाह से तलाक हो गया है, लिहाजा वादी ने तीन जनवरी 2019 को संघमित्रा से उसके घर पर विवाह कर लिया। इसके बाद में जब उसे संघमित्रा के तलाक न होने की बात का पता चला तो विवाह की बात उजागर न होने पाए, इसलिए उस पर जानलेवा हमला भी कराया गया। 19 जुलाई को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था
कई बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी कोर्ट में न हाजिर होने पर एमपी एमएलए कोर्ट ने स्वामी स्वामी प्रसाद मौर्य और उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य को 19 जुलाई को भगोड़ा घोषित किया था।
Updated on:
30 Jul 2024 05:33 pm
Published on:
30 Jul 2024 05:31 pm
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