
सर्वोदय विद्यालयों की संख्या में वृद्धि
Yogi Government 8 Years Of Excellence: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहे हैं। गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय आज प्रदेश में शिक्षा के एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रहे हैं।
योगी सरकार के प्रयासों से 2017 से पहले जहां मात्र 93 सर्वोदय विद्यालय संचालित थे, वहीं 2024-25 तक इनकी संख्या बढ़कर 120 हो गई है। इनमें से 100 विद्यालय वर्तमान में संचालित हैं, जिनमें 70 बालक विद्यालय और 30 बालिका विद्यालय शामिल हैं। प्रत्येक विद्यालय में 490 छात्रों की क्षमता निर्धारित की गई है, जिससे हजारों छात्रों को लाभ मिल रहा है।
सरकार ने इन विद्यालयों को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली से जोड़ा है। वर्तमान में 45 विद्यालय सीबीएसई बोर्ड से और 49 विद्यालय यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, डिजिटल शिक्षा सामग्री और उच्चस्तरीय पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
प्रदेश सरकार ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए इन विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा, आवासीय सुविधा, छात्रावास, यूनिफॉर्म, पाठ्य-पुस्तकें, स्टेशनरी, दैनिक उपयोग की सामग्री, भोजन और नाश्ता की व्यवस्था की है। इससे उन परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है, जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में ₹46,080 और शहरी क्षेत्रों में ₹56,460 तक सीमित है।
इन विद्यालयों में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए 60% आरक्षण, पिछड़ा वर्ग के लिए 25% और सामान्य वर्ग के लिए 15% सीटें आरक्षित की गई हैं। यह आरक्षण नीति समाज के सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदेश सरकार इस योजना के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय संसाधन आवंटित कर रही है। 2024-25 के लिए 363.91 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से 242.39 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई है। वर्तमान में इस योजना से 32,538 छात्र लाभान्वित हो रहे हैं, जो राज्य सरकार की शिक्षा सुधार नीति की सफलता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमेशा शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया है। उनके नेतृत्व में सरकार न केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ा रही है, बल्कि उनमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कर रही है। यह योजना प्रदेश में गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम बन रही है। सीएम योगी का मानना है कि ये विद्यालय राष्ट्रीय प्रेरणा तथा सामाजिक सद्भावना को आगे बढ़ाने का उत्कृष्ट केंद्र बन सकते हैं।
छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालयों में एनसीसी, स्काउट एवं गाइड, खेलकूद, मानसिक विकास एवं सांस्कृतिक समायोजन जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा, निःशुल्क अभ्युदय कोचिंग योजना (जेईई/नीट) और कैरियर काउंसिलिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे छात्र अपने भविष्य के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।
योगी सरकार के आठ वर्षों में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के माध्यम से प्रदेश के शिक्षा तंत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिला है। इन विद्यालयों के माध्यम से गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे उनका भविष्य संवर रहा है। सरकार के ये प्रयास न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सुधार ला रहे हैं, बल्कि समाज में समरसता और समानता को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
Updated on:
24 Mar 2025 05:54 pm
Published on:
24 Mar 2025 05:54 pm
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