
आईटीबीपी प्रतीकात्मक फोटो
Scam in ITBP: आईटीबीपी में सामान खरीद में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। ये घोटाला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के मिर्थी स्थित आईटीबीपी की 7वीं वाहिनी मे सामने आया है। आरोप है कि केरोसीन खरीद और ढुलाई खर्च में साल 2017 से 2019 के बीच वाहिनी के तत्कालीन अफसरों ने यह घपला किया। मामले में विभागीय जांच के बाद सीबीआई की देहरादून शाखा में वाहिनी के तत्कालीन अफसरों, ठेकेदार और अन्य अज्ञात आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया है। सीबीआई के अनुसार 7वीं वाहिनी के तत्कालीन कमांडेंट महेंद्र प्रताप और उनके अधीनस्थ अधिकारियों ने निजी ठेकेदारों के साथ मिलकर 8000 लीटर केरोसिन तेल की चोरी और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग किया। आरोपियों ने फर्जी चालानों से भुगतान कर इस घोटाले को अंजाम दिया।
आईटीबीपी ने विभागीय जांच के बाद रिपोर्ट सीबीआई को भेजी थी। मुकदमा दर्ज करने से पहले गृह मंत्रालय से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत अनुमति ली गई। अनुमति मिलने के बाद मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीबीआई दून शाखा के एसपी एके राठी ने केस की जांच निरीक्षक बीसी कापड़ी को सौंपी है। सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
कैरोसीन घोटाले में ग्राम तराफ दलपतपुर, निकट जसपुर, पोस्ट ठाकुरद्वारा, जिला मुरादाबाद, यूपी निवासी 7वीं वाहिनी मिर्थी के तत्कालीन कमांडेंट महेंद्र प्रताप के खिलाफ केस दर्ज किया है। महेंद्र प्रताप इस वक्त 29वीं वाहिनी आईटीबीपी, ग्राम जमंतारा, पोस्ट गोर, जबलपुर, मध्य प्रदेश में तैनात हैं। सीबीआई ने ग्राम टेपोर, पोस्ट हफलटिंग, जिला शिवसागर, असम निवासी 7वीं वाहिनी के तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट दीपक गोगोई राजस्थान के तहसील नदौती, जिला करौली निवासी तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट (जीडी) मुकेश चंद मीना के खिलाफ केस दर्ज किया है।
Published on:
29 Jan 2025 08:01 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
