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सूबे के गांवों में अब गूंजेंगे गीत, सरकार दे रही है म्यूजिक किट

सरकार एक बार फिर से सूबे के गांवों में गीत गूंजाना चाहती है। अपनी इस कला को बचाने के लिए योगी सरकार एक पहल कर रही है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण बच्चे अपने गीत-संगीत में रुचि लें। इसलिए सरकार अपनी नई योजना के तहत गांवों को म्यूजिक किट प्रदान करने जा रही है।

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Yogi Adityanath File Photo

यूपी में लोक संगीत का खजाना है। लोक संगीत किसी भी संस्कृति में आम जनता के पारंपरिक रूप से प्रचलित गीत-संगीत को बोला जाता है। सामान्यतः यह गांव-गिरांव में अपने उन्नत रुप में मिलता है। पर पिछले काफी वक्त से गांवों में लोक गीत के गाने वाले और उनकी परम्पराएं कम होती जा रही है। नए बच्चे फिल्मी संगीत के जादू में फंस गए हैं। सरकार एक बार फिर से सूबे के गांवों में गीत गूंजाना चाहती है। अपनी इस कला को बचाने के लिए योगी सरकार एक पहल कर रही है। सरकार चाहती है कि ग्रामीण बच्चे अपने गीत-संगीत में रुचि लें। इसलिए सरकार अपनी नई योजना के तहत गांवों को म्यूजिक किट प्रदान करने जा रही है। जिसमें ढोल, झांझ, हारमोनियम जैसे कई वाद्ययंत्र शामिल होंगे।

गांवों में आपसी भाईचारे को बढ़ावा

राज्य के संस्कृति और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, विचार है कि ग्रामीणों को पंचायत घरों में 'बिरहा', 'आल्हा' और 'भजन' गाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और गांवों में आपसी भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा दिया जाए।

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लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने की योजना

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, उत्तर प्रदेश में लोक कलाओं की एक विशाल विरासत है लेकिन इनमें से कुछ कलाएं विलुप्त होने के कगार पर हैं। राज्य सरकार ने लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। यह उन्हें विभिन्न जिलों में पंजीकृत करेगी और उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के लगभग 58,000 गांवों को म्यूजिक किट प्रदान की जाएंगी, जिसमें लोक संगीत की परंपरा को जीवित रखने के प्रयास में ढोल, झांझ, हारमोनियम जैसे वाद्ययंत्र शामिल होंगे।

भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय कर रहा तैयारियां

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय जल्द ही विभिन्न कार्यक्रमों के शुभारंभ के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करेगा। राष्ट्रीय कथक संस्थान, राज्य ललित कला अकादमी, भारतेंदु नाट्य अकादमी, संगीत अकादमी, जैन अनुसंधान संस्थान को भी सक्रिय किया जाएगा।

सेनानियों के गांवों की होगी पहचान

मंत्री ने कहा, आजादी का अमृत महोत्सव' के अवसर पर संस्कृति विभाग ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के गांवों की पहचान की है। लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान के बारे में जागरूक किया जाएगा।