
नौ नगर निगमों में तीन अरब से अधिक की अनियमितता का खुलासा, ऑडिट रिपोर्ट से मचा हड़कंप फोटो सोर्स : Patrika
Tender Game Audit Report of Fund Audit Department: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान प्रस्तुत स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की ऑडिट रिपोर्ट ने नगर निकायों के कामकाज की हकीकत सामने रख दी है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के नौ नगर निगमों में कुल मिलाकर तीन अरब रुपये (300 करोड़ रुपये से अधिक) की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। इन अनियमितताओं में बिना टेंडर कार्य आवंटन, सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ी, कान्हा गौशाला के खर्चों में हेरफेर और चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुँचाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इस खुलासे के बाद सरकार और नगर निगमों की जवाबदेही को लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ और विपक्ष ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
रिपोर्ट में बताया गया कि अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ और झांसी नगर निगमों में वित्तीय अनुशासन की धज्जियां उड़ाई गईं। लाखों-करोड़ों रुपये के कार्य बिना टेंडर की प्रक्रिया अपनाए कराए गए। जिन कार्यों के लिए टेंडर अनिवार्य थे, उन्हें सीधे ठेकेदारों को सौंप दिया गया। कई मामलों में बाजार भाव से अधिक भुगतान किया गया, जिससे निगम की निधियों को सीधा नुकसान हुआ। ऑडिट टीम ने स्पष्ट किया कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से हुआ और इसका सीधा लाभ कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को दिया गया।
तीन अरब रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता कोई छोटी बात नहीं है। यह न केवल नगर निगमों की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि सरकारी तंत्र की लापरवाही का भी प्रमाण है। जनता उम्मीद कर रही है कि सरकार इस रिपोर्ट को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखकर दोषियों के खिलाफ ठोस और त्वरित कार्रवाई करेगी।
Published on:
15 Aug 2025 02:07 pm
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