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राहत : सुप्रीम कोर्ट के आदेश से तेज हुई 12,460 सहायक अध्यापक भर्ती, 656 पदों पर चयन प्रक्रिया शुरू

12,460 सहायक अध्यापक भर्ती में लंबे समय से रिक्त पड़े 656 पदों पर चयन प्रक्रिया को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने जिलेवार मेरिट सूची जारी कर भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी है।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

•

Updated: 16 Dec 2025, 7:44 AM IST

बेसिक शिक्षा परिषद (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

बेसिक शिक्षा परिषद (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Assistant Teacher Recruitment: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। 12,460 सहायक अध्यापक भर्ती में शेष बचे 656 रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे लंबे समय से असमंजस और इंतजार में रहे अभ्यर्थियों को उम्मीद की नई किरण दिखाई दी है।

दरअसल, 12,460 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया के दौरान विभिन्न कारणों से 656 पद रिक्त रह गए थे। इन पदों को भरने को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा लगातार मांग की जा रही थी। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जहां सुप्रीम कोर्ट ने इस पर निर्णय देते हुए भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। अब इस आदेश के बाद बेसिक शिक्षा परिषद ने सक्रियता दिखाते हुए चयन प्रक्रिया को गति दे दी है।

जिलेवार मेरिट सूची होगी जारी

परिषद द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाएगी। इसके तहत जिलेवार मेरिट सूची तैयार कर सार्वजनिक की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों की सूची में पंजीकरण संख्या और रोल नंबर का स्पष्ट उल्लेख होगा, ताकि किसी भी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति न रहे। यह मेरिट सूची जिलेवार प्रकाशित की जाएगी, जिससे अभ्यर्थी आसानी से अपने जिले की स्थिति देख सकें। बेसिक शिक्षा परिषद का कहना है कि मेरिट सूची को सार्वजनिक करने का उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को समाप्त करना है। इससे अभ्यर्थियों को भी यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि चयन किस आधार पर किया गया है।

तीन सप्ताह में पूरी होगी प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि चयन से जुड़ी समस्त आवश्यक कार्यवाही तीन सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। सचिव द्वारा सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे चयनित अभ्यर्थियों का विवरण निर्धारित प्रारूप में समय से परिषद को उपलब्ध कराएं। इसमें अभ्यर्थियों का नाम, पंजीकरण संख्या, रोल नंबर, मेरिट क्रम और अन्य आवश्यक जानकारियां शामिल होंगी।

बीएसए कार्यालयों में बढ़ी हलचल

निर्देश जारी होने के बाद प्रदेश भर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में हलचल तेज हो गई है। अधिकारी मेरिट सूची तैयार करने और अभ्यर्थियों का विवरण संकलित करने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि यदि सभी जिलों से समय पर जानकारी उपलब्ध हो जाती है, तो निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और रिकॉर्ड आधारित रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। साथ ही, सभी दस्तावेजों का सत्यापन भी नियमानुसार किया जाएगा।

28 जनवरी 2026 तक आ सकती है अंतिम सूची

भर्ती नियमावली के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम सूची 28 जनवरी 2026 तक जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि परिषद की कोशिश है कि यदि सभी प्रक्रियाएं समय से पूरी हो जाएं, तो इससे पहले ही सूची जारी कर दी जाए। अंतिम सूची जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद उन्हें उनके संबंधित जिलों में तैनाती दी जाएगी। इससे प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकेगा।

अभ्यर्थियों में खुशी की लहर

भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की खबर मिलते ही अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से इस चयन प्रक्रिया के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों ने इसे न्याय की जीत बताया है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद अब उन्हें अपने भविष्य को लेकर स्पष्टता मिल रही है। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि यदि यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली जाती, तो उन्हें अनावश्यक मानसिक तनाव से नहीं गुजरना पड़ता। फिर भी, अब जब प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो वे परिषद और न्यायालय दोनों के प्रति आभार जता रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि इन 656 रिक्त पदों पर नियुक्ति होने से प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। कई परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। नए सहायक अध्यापकों की नियुक्ति से कक्षाओं का संचालन बेहतर ढंग से हो सकेगा और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाएगी।

पारदर्शिता पर रहेगा जोर

बेसिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोपरि रहेगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परिषद का उद्देश्य है कि योग्य अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति मिले और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। कुल मिलाकर, 12,460 सहायक अध्यापक भर्ती में रिक्त 656 पदों पर चयन प्रक्रिया के तेज होने से न केवल अभ्यर्थियों को राहत मिली है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जगी है। अब सभी की नजरें जिलेवार मेरिट सूची और अंतिम चयन सूची पर टिकी हैं, जिसका इंतजार हजारों अभ्यर्थी बेसब्री से कर रहे हैं।