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अब अप्रैल में नहीं आएगा यूपी बोर्ड रिजल्ट, बंद की गई कॉपियों की चेकिंग

कोरोनावायरस (Coronavirus) के चलते यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 (UP Board Exam 2020) की कॉपियों का मूल्यांकन फिलहाल 2 अप्रैल तक रोक दिया गया है...

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Mar 18, 2020

अब अप्रैल में नहीं आएगा यूपी बोर्ड रिजल्ट, बंद की गई कॉपियों की चेकिंग

अब अप्रैल में नहीं आएगा यूपी बोर्ड रिजल्ट, बंद की गई कॉपियों की चेकिंग

लखनऊ. UP Board Result 2020 : कोरोनावायरस (Coronavirus) के प्रभाव के चलते यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 (UP Board Exam 2020) की हाईस्कूल (High School 10th) और इंटरमीडिएट (Intermediate 12th) की कॉपियों का मूल्यांकन फिलहाल 2 अप्रैल तक रोक दिया गया है। डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा (Dr Dinesh Sharma) ने ये आदेश जारी किये हैं। दरअसल सोमवार से शुरू हुए मूल्यांकन के पहले दिन 41 प्रतिशत शिक्षक कोरोना के डर से कॉपी जांचने मूल्यांकन केंद्र नहीं पहुंचे। कारण पूछे जाने पर बीमार होने या बाहर होने का हवाला दिया। जिसके चलते सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।

यूपी बोर्ड 2020 की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन 2 अप्रैल तक स्थगित होने की जानकारी माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने दी। मूल्यांकन सोमवार से शुरू हुआ था और दस दिन में खत्म होना था। आराधना शुक्ला के मुताबिक मूल्यांकन पर कोई भी निर्णय 2 अप्रैल के बाद लिया जाएगा, लिहाजा अब बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट अप्रैल में आना संभव नहीं होगा। बोर्ड ने अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक परिणाम घोषित करना प्रस्तावित किया था। इस साल 56.7 लाख परीक्षार्थी बोर्ड में पंजीकृत थे जिनमें से लगभग पौने 5 लाख ने परीक्षा छोड़ दी थी। लगभग तीन करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन किया जाना है। शिक्षक संघ भी लगातार मूल्यांकन को स्थगित करने की मांग कर रहे थे।

डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा के मुताबिक 2 अप्रैल के बाद जब प्रदेश में स्कूल खुलेंगे तब यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन की नई तारीख तय की जाएगी। दरअसल 16 मार्च से यूपी बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हुआ था, लेकिन कई केन्द्रों पर कोरोनावायरस के डर से शिक्षक कॉपियों को जांचने से भयभीत थे और आ नहीं रहे थे। हालांकि बोर्ड ने केन्द्रों पर कॉपी जांचने वाले परीक्षकों के लिए कई गाइडलाइन्स जारी किए थे। जिसके तहत दो परीक्षकों के बीच की दूरी कम से कम एक मीटर और साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश थे, लेकिन फिर भी शिक्षक कॉपी जांचने नहीं पहुंच रहे थे। जिसके चलते अब सरकार ने मूल्यांकन रोकने का फैसला लिया है।

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