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UP Cabinet Meeting : यूपी कैबिनेट ने दी तबादला नीति 2022 को मंजूरी, 15 से 30 जून के बीच हो सकेंगे ट्रांसफर

UP cabinet meeting मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति 2022 को मंजूरी दे दी गई है। इस नीति के तहत 15 से 30 जून तक तबादले किए जाएंगे। यह नीति वर्ष 2022-23 के लिए है। इसके साथ ही बैठक में पुलिस के 40 हजार पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।
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लखनऊ

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 14 Jun 2022, 5:14 PM IST

योगी सरकार 2.0: चुनावी वादों के लिए चाहिए 57 हजार करोड़ रुपये का फण्ड

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति 2022 को मंजूरी दे दी गई है। इसकी जानकारी अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने दी है। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत 15 से 30 जून तक तबादले किए जाएंगे। यह नीति वर्ष 2022-23 के लिए है। इसके तहत समूह क और ख के अधिकारियों द्वारा जनपद में तीन वर्ष और मंडल में सात वर्ष पूरे होने पर स्थानांतरण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही बैठक में पुलिस के 40 हजार पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।

शासनादेश कड़ाई से पालन होगा

समूह क और ख के स्थानांतरण संवर्गवार कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की संख्या के सापेक्ष अधिकतम 20 प्रतिशत और समूह ग व घ के संवर्गवार कार्यरत कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत तक की सीमा तक किए जा सकेंगे। समूह ख और ग के कार्मिकों के स्थानांतरण मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम के आधार पर किये जाने की व्यवस्था की गई है। समूह ग के कार्मिकों के पटल परिवर्तन व क्षेत्र परिवर्तन विषयक शासनादेश 13 मई 2022 को कड़ाई से पालन करने की व्यवस्था की गई है।

पुलिस में 40 हजार पदों पर होगी भर्ती

बैठक में पुलिस के 40 हजार पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। बैठक में कृषि, उच्च शिक्षा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, पर्यटन एवं संस्कृति सहित विभिन्न विभागों के करीब डेढ़ दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा हुई।

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मदरसों का अनुदान खत्म

बीते महीने हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने बड़ा निर्णय करते हुए मदरसों को अनुदान देने से इनकार कर दिया था। अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया था कि अरबी-फारसी मदरसों में से वर्ष 2003 तक के आलिया (10वीं) स्तर के स्थायी मान्यता प्राप्त मदरसों को अनुदान सूची पर लिए जाने संबंधी नीति को समाप्त किए जाने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया था। इस प्रस्ताव के अनुमोदित होने के बाद अब नए किसी भी मदरसे को अनुदान सूची पर नहीं लिया जाएगा।

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निजी बार खोलने के नियम किए आसान

एक अन्य फैसले में सरकार ने निजी बार खोले जाने के लिए नियमों को आसान करने का निर्णय लिया था। अपर मुख्य सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने बताया था कि उप्र आबकारी (बार लाइसेंस की स्वीकृति) नियमावली (प्रथम संशोधन) 2022 और (आसवनी स्थापना) सोलहवां संशोधन नियमावली के प्रस्तावों को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।