
Corona
लखनऊ. यूपी में कोरोना वायरस (Coronavirus in UP) की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन वायरस के बदलते स्वरूप ने स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की चिंताएं बढ़ा दी है। कोरोनावायरस का संक्रमण मरीजों के आंसुओं से भी फैल सकता है। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) में 20 से अधिक मरीज के आंसुओं में कोरोना वायरस मिला है, जिसने स्वास्थ्य विभाग को आश्चर्य में डाल दिया है। कोरोना के बदलते स्वरूप से निपटने के लिए पहले से ही चिकित्सक तैयारियों कर रह थे कि आसुओं में कोरोना ने उनके सामने नई चुनौती पेश कर दी है। डॉक्टरों की सलाह है कि अगर नेत्रों में अधिक लालीपन व जलन हो रही है, तो नेत्र चिकित्सकों को जरूर दिखाएं।
आरटीपीसीआर जांच में हुआ खुलासा-
बीआरडी में नेत्र रोग विभाग में बीते दिनों करीब 60 लोग आंखों की लालीपन की समस्या लेकर पहुंचे थे। एहतियातन इनके आंसुओं की आरटी-पीसीआर जांच कराई गई। इसमें पाया गया है कि 20 लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हैं। हैरानी वाली बात यह है कि शरीर के किसी दूसरे अंग संक्रमण नहीं फैला है। केवल आंखों में संक्रमण देखने को मिल रहा है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ रामकुमार जायसवाल का कहना है कि यह पता लगाना भी मुश्किल है कि कोरोना की शरीर के किस अंग में है। कोरोना की दूसरी लहर में यह देखने को मिल रहा है कि मरीजों के आंसुओं में कोरोना वायरस मिल रहा है। यदि इन मरीजों को समय से इलाज न मिलता, तब संक्रमण शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच सकता था।
दो मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई-
कोरोना के 20 संक्रमित मरीजों में से दो ऐसे हैं, जिनमें एक की आंखों की रोशनी चली गई, तो दूसरे को बचाने के लिए उसकी आंख का ऑपरेशन करना पड़ा। एक महाराजगंज, तो दूसरा गोरखपुर का रहने वाला है। उम्र 45-50 वर्ष के बीच है। दोनों मरीजों का लगातार हालचाल लिया जा रहा है। वे अभी ठीक है। नए मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण भी मिले हैं। यह बेहद खतरनाक संकेत है। इस तरह के केस अभी भी आ रहे हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि नेत्रों में अधिक लालीपन व जलन हो, तो नेत्र चिकित्सकों को जरूर दिखाएं।
Updated on:
07 Aug 2021 08:47 pm
Published on:
07 Aug 2021 08:45 pm
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