
UP Election 2022 Result : ब्राह्मणों ने रचा इतिहास, 52 बने विधायक, 49 ठाकुर भी जीते
यूपी विधानसभा में अपनी कम ताकत को लेकर चुनाव पूर्व पार्टियों पर दबाव बनाने वाले ब्राह्मण समुदाय के लिए खुशखबर है। इस बार विभिन्न पार्टियों से कुल 52 ब्राह्मण जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। जबकि इस बार राजपूत विधायकों की संख्या घटी है। कुल 49 ठाकुर एमएलए बनने में कामयाब हुए हैं। तीसरे नंबर पर कुर्मी बिरादरी है। पटेल और वर्मा जाति से कुल 41 सदस्य विधायक बनने में कामयाब हुए हैं। इसके बाद किसी एक जाति से सर्वाधिक विधायकों की संख्या मुसलमानों की है। इस समाज से इस बार 34 विधायक बने हैं।
पंडितों का जलवा कायम
चुनाव नतीजों के बाद विधानसभा में किस जाति और धर्म का कितना प्रतिनिधित्व है। इसे जानने की सबमें दिलचस्पी थी। नए विधायकों का जातिवार विश्लेषण करने पर पता चला है कि एक बार फिर ब्राह्मणों का जलवा कायम है। संख्याबल की बात करें तो 46 ब्राह्मण विधायक भाजपा गठबंधन से जीते हैं, जबकि पांच सपा से और एक कांग्रेस से। इस तरह कुल 52 ब्राह्मण विधायक विधानसभा में पहुंचे हैं।
घट गयी ठाकुरों की संख्या
18 वीं विधानसभा में राजपूत विधायकों की संख्या घट गयी है। बीजेपी से 41 ठाकुर यानी राजपूत विधायक जीते हैं। बीजेपी गठबंधन से 43 राजपूत विधायक जीते हैं। सपा से चार, बसपा से एक और राजा भैया की पार्टी से अकेले राजा भैया जीते हैं। इस हिसाब से यूपी में कुल 49 ठाकुर विधायक जीते हैं। कायस्थ जाति से 3 विधायक जीते हैं। ये सभी बीजेपी से जीते हैं।
तीसरे नंबर पर पटेल जाति
तीसरे नंबर पर विधायकी जीतने वालों में सबसे बड़ी संख्या कुर्मियों की है। 27 बीजेपी गठबंधन से 13 सपा गठबंधन से और एक कांग्रेस पार्टी से कुर्मी जीते हैं। कुल मिलाकर 41 कुर्मी जाति के विधायक सदन पहुंचे हैं।
सपा से जीते 34 मुस्लिम
इस बार कुल 34 मुस्लिम विधायक विधानसभा पहुंचे हैं. खास बात यह है कि इन सभी विधायकों को समाजवादी पार्टी से जीत मिली है।
भाजपा से सर्वाधिक दलित
दलितों में इस बार बीजेपी ने फिर बाजी मारी है और खासकर चमार या जाटव से सबसे ज्यादा विधायक बीजेपी से जीते हैं। 19 चमार/जाटव बीजेपी से विधायक चुनकर आए हैं, जबकि 10 समाजवादी पार्टी गठबंधन से। बसपा ने सबसे ज्यादा जाटवों का वोट पाया लेकिन उनका एक भी विधायक नहीं जीता। दलित में जाटवों के बाद दूसरी सबसे बड़ी बिरादरी पासी है। यहां भी बीजेपी सबसे आगे रही, पासी समाज के 18 लोग बीजेपी से विधायक हुए हैं, जबकि 8 समाजवादी पार्टी से और एक राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल से।
27 यादव बने विधायक
इस बार यादवों की कुल संख्या सदन में 27 है, जिसमें से 24 समाजवादी पार्टी से हैं और तीन बीजेपी से जीत कर आए हैं। बनिया और खत्री बिरादरी में बीजेपी का फिर जलवा रहा। 22 में से 21 बीजेपी से जीते हैं जबकि एक समाजवादी पार्टी से।
18 लोध भी जीते
पिछड़ी जाति में लोध एक बार फिर बीजेपी के साथ खड़े दिखाई दिए। इस जाति से कुल 18 लोग जीतकर सदन पहुंचे हैं, जिसमें से 15 बीजेपी से जीते हैं जबकि तीन समाजवादी पार्टी से।
15 जाट बने विधायक
जाट एक बार फिर बड़ी तादाद में जीत कर आए हैं। कुल 15 जाट विधायक सदन में पहुंचे हैं. इनमें 8 बीजेपी से और 7 समाजवादी पार्टी गठबंधन से विधायक बने हैं। भूमिहार बिरादरी के 5 विधायक बने हैं, जिसमें से चार बीजेपी से और एक समाजवादी पार्टी गठबंधन से।
मौर्या भाजपा के साथ,12 जीते
गैर यादव ओबीसी में बीजेपी ने फिर बाजी मारी है। मौर्य, कुशवाहा, शाक्य और सैनी में बीजेपी ने 12 सीटें जीती हैं, जबकि समाजवादी गठबंधन को सिर्फ 2 सीटें मिली है इस जाति की। इसके अलावा जो दूसरी गैर यादव ओबीसी उसमें भी बीजेपी सपा से काफी आगे रही है। बीजेपी को 7 और समाजवादी पार्टी गठबंधन को 3 सीटें मिली हैं। निषाद, बिंद, कश्यप मल्लाह इन जातियों में भी सबसे ज्यादा 6 विधायक बीजेपी गठबंधन से सदन में पहुंचे हैं, जबकि सपा से सिर्फ 2 विधायक आए हैं। कलवार, तेली, सोनार जातियों से भी बीजेपी सबसे ज्यादा 6 सीटें जीतने में कामयाब रही है, जबकि 1 सीट समाजवादी पार्टी गठबंधन कमिली है। गुर्जर बरादरी से बीजेपी के पांच जबकि सपा के 2 विधायक जीते हैं।
सपा का साथ दिया राजभरों ने
राजभर बिरादरी में समाजवादी पार्टी गठबंधन ने बाजी मारी है। सपा गठबंधन से तीन राजभर जीत कर आए हैं। जबकि बीजेपी से एक। दलितों की धोबी बिरादरी के 4 विधायक जीते हैं। खटीक जाति से 5 विधायक जीते हैं, जिसमें से 4 बीजेपी से और एक सपा गठबंधन से हैं। वाल्मीकि जाति से एक सीट बीजेपी को मिली है जबकि एक सिख विधायक भी जीता है।
Published on:
15 Mar 2022 08:50 pm
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