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UP Weather News: उत्तर प्रदेश में बाढ़ का कहर जारी, 37 जिलों में 3.53 लाख लोग प्रभावित; गंगा खतरे के निशान के करीब

Uttar Pradesh Flood News: उत्तर प्रदेश में बाढ़ का कहर जारी है। राज्य के 37 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोग जलभराव में फंसे हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कानपुर और उन्नाव में खतरा बढ़ गया है।
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लखनऊ

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Mohsina Bano

Sep 09, 2026

UP Flood News, UP Weather, Ganga Water Level

उत्तर प्रदेश में बाढ़ से हाहाकार (फोटो- ANI)

Uttar Pradesh Flood Alert: उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के 37 जिलों में तबाही का मंजर है जिससे 3.53 लाख से अधिक लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। गांवों और शहरों में पानी भर जाने से हजारों लोगों की जिंदगी संकट में फंस गई है। प्रशासन बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चला रहा है ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

25 जिलों में अभी भी बाढ़ का पानी

राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी समेत 25 जिलों में अभी भी बाढ़ का गंभीर असर बना हुआ है। अब तक 19 हजार 454 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

राहत में जुटीं दो हजार से ज्यादा नावें

बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद के लिए 2075 नाव और मोटरबोट लगाई गई हैं। प्रशासन ने 1315 बाढ़ राहत शिविर तैयार किए हैं जहां लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए 1072 मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। अकेले बलिया में गंगा और घाघरा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण 48 गांव पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं।

कानपुर में 40 हजार लोगों पर असर

कानपुर और कानपुर देहात में पांडु नदी के उफान ने स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है। यहां करीब 40 हजार लोग प्रभावित हुए हैं और एक हजार से अधिक मकान पानी की चपेट में आ गए हैं। कई जगहों पर तो हालात इतने खराब हैं कि घरों के अंदर 6 फीट तक पानी भर गया है। वहीं कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर बैराज पर चेतावनी का निशान पार कर चुका है। बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.41 मीटर दर्ज किया गया जबकि खतरे का निशान 115 मीटर है। ऊपरी बैराजों से 5.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कटरी क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है।

उन्नाव में खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और हरिद्वार नरोरा बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण उन्नाव में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार शाम तक गंगा का जलस्तर 112.96 मीटर पहुंच गया जो खतरे के निशान 113 मीटर से सिर्फ 4 सेंटीमीटर नीचे है। महज 24 घंटे के भीतर गंगा के जलस्तर में 29 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग ने बुधवार को भी जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई है जिससे प्रशासन और किनारे बसे लोगों की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी जा रही है।

लखीमपुर खीरी में कई गांव जलमग्न

लखीमपुर खीरी जिले में भी बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। यहां शारदा, घाघरा और मोहाना नदियों के उफान से एक दर्जन से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए हैं। कई जगहों पर सड़कें 2 फीट तक पानी में डूब गई हैं जिससे संपर्क टूट गया है और किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। नदियों का जलस्तर बढ़ने बांधों से पानी छोड़े जाने और बारिश के कारण निचले इलाकों में लगातार खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने अपनी निगरानी और राहत बचाव का काम तेज कर दिया है।