
यूपी में कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया ऑनलाइन, मानव संपदा पोर्टल पर डीपीसी मॉड्यूल लागू (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP Employees Promotion Process: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा प्रशासनिक सुधार लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए मानव संपदा पोर्टल पर डीपीसी (Departmental Promotion Committee) मॉड्यूल विकसित किया गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं।
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी विभागों को 31 मार्च तक इस नई प्रणाली के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करनी होंगी। इसके बाद कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया धीरे-धीरे पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित की जाएगी। इस व्यवस्था से प्रदेश के लगभग 8.5 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार का मानना है कि पदोन्नति प्रक्रिया को ऑनलाइन करने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। अब तक कई विभागों में डीपीसी की प्रक्रिया कागजी फाइलों के माध्यम से पूरी की जाती थी, जिससे समय अधिक लगता था और कई बार रिकॉर्ड खोजने में भी कठिनाई होती थी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारी से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां डिजिटल रूप में एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे विभागीय पदोन्नति समितियों को निर्णय लेने में सुविधा होगी और प्रक्रिया में तेजी आएगी।
सरकार द्वारा विकसित किए गए डीपीसी मॉड्यूल में प्रत्येक कर्मचारी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें कर्मचारी की सेवा पुस्तिका से जुड़े विवरण, नियुक्ति तिथि, सेवा अवधि, पद, विभागीय विवरण और अन्य प्रशासनिक सूचनाएं शामिल होंगी।
इसके साथ ही कर्मचारी की वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) भी इसी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इससे पदोन्नति से संबंधित मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो सकेगी। अधिकारियों को किसी भी कर्मचारी की पूरी सेवा जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की एसीआर यानी वार्षिक गोपनीय आख्या को भी डिजिटल रूप में मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे पदोन्नति के समय अधिकारियों को कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन का आकलन करने में आसानी होगी। अब तक कई विभागों में एसीआर की फाइलें कागजों में सुरक्षित रहती थीं, जिन्हें ढूंढने और संकलित करने में समय लगता था। लेकिन डिजिटल अपलोड की सुविधा मिलने के बाद यह प्रक्रिया काफी तेज और व्यवस्थित हो जाएगी।
डीपीसी मॉड्यूल के संचालन के लिए प्रत्येक विभाग में एक डीपीसी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी या कर्मचारी पोर्टल पर लॉगिन करके पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का काम करेगा। कोऑर्डिनेटर संबंधित कर्मचारियों की जानकारी सत्यापित करेगा, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करेगा और विभागीय पदोन्नति समिति के लिए प्रस्ताव तैयार करेगा। इससे पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन संचालित की जा सकेगी।
मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों में सभी विभागों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 31 मार्च तक इस नई प्रणाली के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। विभागों को अपने कर्मचारियों से संबंधित सभी आवश्यक सूचनाएं और दस्तावेज पोर्टल पर अपडेट करने होंगे। इसके अलावा विभागीय अधिकारियों को भी डीपीसी मॉड्यूल के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि प्रणाली के लागू होने के बाद किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए।
राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 8.5 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इसमें विभिन्न विभागों में कार्यरत शिक्षक, लिपिक, तकनीकी कर्मचारी और अन्य अधिकारी शामिल हैं। ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से कर्मचारियों को पदोन्नति से संबंधित जानकारी समय पर मिल सकेगी और अनावश्यक देरी की समस्या कम होगी। इसके साथ ही विभागों में पदोन्नति प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार के डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने कई प्रशासनिक सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश की है।
मानव संपदा पोर्टल पहले से ही कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, अवकाश प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए उपयोग किया जा रहा है। अब पदोन्नति प्रक्रिया को भी इसी पोर्टल से जोड़ने से प्रशासनिक कार्यों में और अधिक पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि पदोन्नति प्रक्रिया समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरी होती है तो इससे उनके मनोबल में वृद्धि होगी। इसके अलावा डिजिटल रिकॉर्ड होने से भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या भ्रम की स्थिति भी कम होगी।
Published on:
14 Mar 2026 11:46 am
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