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Up Governor Dinner: राज्यपाल का बड़ा कदम: यूपी के सभी विधायकों और मंत्रियों को राजभवन में रात्रि भोज का निमंत्रण

UP Governor Raj Bhavan Dinner: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने 28 फरवरी को राजभवन में एक भव्य रात्रिभोज के लिए सभी विधायकों और मंत्रियों को आमंत्रित किया है। यह कार्यक्रम शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जिसमें 403 विधायक, 56 मंत्री, दोनों उप मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति शामिल होंगे। इस आयोजन का उद्देश्य संवाद को बढ़ावा देना और राज्य में राजनीतिक संबंधों को मजबूत करना है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Feb 25, 2025

UP Governor MLAs and Ministers Raj Bhavan Dinner

UP Governor MLAs and Ministers Raj Bhavan Dinner

UP Governor: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक खास आयोजन की तैयारी हो रही है। प्रदेश की राज्यपाल ने यूपी के सभी विधायकों और मंत्रियों को 28 फरवरी को राजभवन में आयोजित होने वाले भव्य रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया है। यह आयोजन भारतीय राजनीति में अपनी तरह का अनोखा कदम माना जा रहा है, जिसमें सभी दलों के विधायकों और मंत्रियों को एक मंच पर एकत्रित होने का अवसर मिलेगा।

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राजभवन में होगा भव्य आयोजन

राजभवन में यह रात्रिभोज शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री, सभी मंत्रीगण, सभी 403 विधायक और 56 मंत्री शामिल होंगे। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभी सदस्य भी इस विशेष आयोजन का हिस्सा बनेंगे।

राजनीतिक सद्भावना का संकेत

इस आयोजन को राजनीति से परे एक सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। राज्यपाल द्वारा सभी दलों के विधायकों को आमंत्रित किया जाना यह दर्शाता है कि सरकार विभिन्न विचारधाराओं के नेताओं को एक मंच पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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योगी सरकार के मंत्री भी होंगे शामिल

उत्तर प्रदेश सरकार के सभी मंत्री इस रात्रि भोजन में मौजूद रहेंगे। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के विधायक इस आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, अब तक विपक्षी दलों की ओर से इस निमंत्रण को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

क्या हो सकते हैं राजनीतिक मायने?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन सरकार और विपक्ष के बीच संवाद स्थापित करने में मददगार साबित हो सकते हैं। कई बार सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद इतने गहरे हो जाते हैं कि सहयोग की गुंजाइश खत्म हो जाती है। लेकिन इस प्रकार के अनौपचारिक आयोजनों से संबंधों में सुधार लाने की उम्मीद की जाती है।

पिछले वर्षों में ऐसे आयोजन कम देखे गए

उत्तर प्रदेश में इस प्रकार के आयोजन बहुत कम होते हैं, खासकर जब सभी दलों के विधायकों और मंत्रियों को एक साथ आमंत्रित किया जाता है। इससे पहले, पूर्व की सरकारों में भी कभी-कभी इस तरह के आयोजन हुए हैं, लेकिन हाल के वर्षों में यह बहुत कम देखने को मिला है।

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विपक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार

अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि विपक्षी दल इस आयोजन में कितनी संख्या में भाग लेते हैं। क्या सपा, बसपा और कांग्रेस के बड़े नेता इस आयोजन में शामिल होंगे या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।

राज्यपाल की पहल का क्या होगा असर?

राज्यपाल की यह पहल उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया आयाम जोड़ सकती है। यह देखना बाकी है कि यह आयोजन केवल एक औपचारिकता बनकर रह जाता है या फिर वास्तव में यह किसी सकारात्मक राजनीतिक संदेश को जन्म देता है।