25 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

BJP संगठन में फेरबदल को लेकर बड़ा अपडेट! क्या है भाजपा की रणनीति, जाति नहीं बल्कि अनभुव होगा प्राथमिकता का आधार

Organizational Reshuffle Update In BJP: BJP संगठन में फेरबदल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जानिए भाजपा की रणनीति क्या है?

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Harshul Mehra

May 25, 2026

up politics may big organizational reshuffle in bjp know about party strategy lucknow news

BJP संगठन में फेरबदल को लेकर बड़ा अपडेट! फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Organizational Reshuffle Update In BJP:उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी जल्द ही अपने संगठन में बड़ा बदलाव करने जा रही है। बताया जा रहा है कि यह संगठनात्मक फेरबदल इसी महीने के अंत तक किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस बार पार्टी जातीय समीकरणों के बजाय संगठनात्मक अनुभव और जमीनी पकड़ को प्राथमिकता देने की तैयारी में है।

60 फीसदी पदों पर अनुभवी कार्यकर्ताओं को मौका

बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, नई प्रदेश टीम में करीब 60 फीसदी पद ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिए जाएंगे, जो लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े हुए हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए अनुभवी संगठनात्मक चेहरों की जरूरत सबसे ज्यादा है।

सूत्रों के मुताबिक, यह फॉर्मूला हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार से बिल्कुल अलग होगा। जहां मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक और जातीय संतुलन पर जोर दिया गया था, वहीं संगठनात्मक बदलाव में अनुभव और चुनावी प्रबंधन क्षमता को अहम माना जा रहा है।

मंत्रिमंडल विस्तार में ओबीसी और दलित वर्ग पर रहा फोकस

हाल ही में हुए योगी मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी ने ओबीसी और दलित समुदाय को विशेष महत्व दिया था। छह नए मंत्रियों में तीन ओबीसी वर्ग से और दो दलित समुदाय से शामिल किए गए। इसके अलावा जिन मंत्रियों को प्रमोट किया गया, उनमें भी ओबीसी नेताओं की संख्या ज्यादा रही।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम विपक्ष के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) नैरेटिव का जवाब देने के लिए उठाया गया था। लोकसभा चुनाव 2024 में विपक्ष ने इसी सामाजिक समीकरण के जरिए बीजेपी को चुनौती दी थी।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बीजेपी

अब बीजेपी का पूरा फोकस 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर है। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक नई रणनीति तैयार की जा रही है। बीजेपी चाहती है कि उसकी चुनावी मशीनरी पहले की तरह मजबूत और अनुशासित बने।

इसके लिए पार्टी प्रदेश की 45 सदस्यीय टीम के साथ-साथ छह प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों—काशी, गोरखपुर, पश्चिम यूपी, अवध, ब्रज और कानपुर-बुंदेलखंड—में भी बदलाव करेगी। पार्टी के सातों मोर्चों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

पंकज चौधरी और धर्मपाल सिंह की बैठकों में बनी रणनीति

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, अनुभवी संगठनात्मक कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठकों के बाद लिया गया।

पार्टी नेताओं का मानना है कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल, बिहार और असम के बाद उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा चुनावी रणक्षेत्र बनने जा रहा है। ऐसे में संगठन को मजबूत करना बीजेपी की प्राथमिकता बन गया है।

पुराने कार्यकर्ताओं को बोर्ड और निगमों में भी मिल सकता है मौका

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी अपने पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को विभिन्न बोर्डों और निगमों में खाली पदों पर नियुक्त करने की योजना पर भी विचार कर रही है। पार्टी पहले ही प्रदेश के कई नगर निगमों में करीब 2800 कार्यकर्ताओं को पार्षद के रूप में नामित कर चुकी है।

माना जा रहा है कि संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मान और जिम्मेदारी देकर पार्टी उन्हें और ज्यादा सक्रिय करना चाहती है।

बूथ स्तर की मजबूती पर सबसे ज्यादा जोर

बीजेपी नेताओं का कहना है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ सोशल इंजीनियरिंग नहीं रही है, बल्कि उसकी मजबूत चुनावी मशीनरी भी रही है। बूथ कमेटियां, पन्ना प्रमुख और वैचारिक कार्यकर्ताओं का नेटवर्क बीजेपी को वर्षों से बढ़त दिलाता रहा है।

हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में कुछ ढिलाई देखने को मिली। वहीं विपक्षी गठबंधन दलित, गैर-यादव ओबीसी और मुस्लिम वोटरों को अपने पक्ष में करने में अपेक्षा से ज्यादा सफल रहा।

संगठन के जरिए खोई बढ़त वापस पाने की कोशिश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अब संगठनात्मक मजबूती के जरिए अपनी खोई हुई बढ़त वापस पाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का उद्देश्य बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करना और चुनावी प्रबंधन को पहले से ज्यादा मजबूत बनाना है।

यही वजह है कि इस बार यूपी बीजेपी में होने वाला संगठनात्मक फेरबदल सिर्फ पदों का बदलाव नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की बड़ी तैयारी माना जा रहा है।