
मार्च में ही मई जैसी गर्मी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे लोगों को मई-जून जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय सावधानी बरतने और तेज धूप से बचने की सलाह दी है। हालांकि राहत की बात यह है कि आने वाले दो से तीन दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के आसार भी जताए गए हैं।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। यही वजह है कि मार्च के महीने में ही लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश के कई शहरों में दिन के समय तेज धूप और उमस भरा मौसम बना हुआ है। लगातार तीसरे दिन भी अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई और लोग घरों में रहने को मजबूर नजर आए।
मौसम विभाग के अनुसार 14 मार्च को हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी देखने को मिलेगा। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में मौसम का रुख बदल सकता है।
लखनऊ मौसम विभाग के मुताबिक 15 और 16 मार्च को उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश भी हो सकती है। मौसम में इस बदलाव के कारण प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में सबसे अधिक गर्मी बुंदेलखंड क्षेत्र में महसूस की जा रही है। बांदा जिला लगातार तीसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी में 38.5 डिग्री, आगरा में 38.2 डिग्री, ओरई में 37.5 डिग्री और हमीरपुर में 37.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में दोपहर के समय तेज धूप के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं प्रदेश में न्यूनतम तापमान की बात करें तो नजीबाबाद सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद फुरसतगंज और कानपुर में 16.8 डिग्री तथा बुलंदशहर में 17.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो रही है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
आज सुबह प्रदेश के कई शहरों में घनी धुंध भी देखने को मिली। कई स्थानों पर विजिबिलिटी कुछ मीटर तक सीमित हो गई थी। इससे सड़क और रेल यातायात पर भी हल्का असर देखने को मिला। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति रेडिएशन फॉग के कारण बनती है। जब रात के समय तापमान कम हो जाता है और हवा में नमी अधिक होती है, तो सुबह के समय धुंध की स्थिति बन जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम के इस असामान्य बदलाव के पीछे जलवायु परिवर्तन भी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां मार्च का महीना अपेक्षाकृत सुहावना होता था, वहीं अब इस समय भी तेज गर्मी महसूस होने लगी है। तापमान में इस तरह की बढ़ोतरी पर्यावरण और जलवायु में हो रहे बदलाव की ओर संकेत करती है।
मौसम विभाग ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को धूप से बचने की सलाह दी गई है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लू लगने और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
मौसम में होने वाला यह बदलाव किसानों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई क्षेत्रों में इस समय रबी की फसलें खेतों में तैयार हो रही हैं। अगर तेज हवाओं के साथ बारिश होती है तो कुछ जगहों पर फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है। हालांकि हल्की बारिश होने से गेहूं और अन्य फसलों को फायदा भी हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को मौसम के अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए और उसी के अनुसार अपनी तैयारियां करनी चाहिए।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। बारिश के बाद तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसके बाद एक बार फिर तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। कुल मिलाकर मार्च के इस महीने में ही गर्मी के तेवर साफ दिखाई देने लगे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में गर्मी किस तरह रिकॉर्ड तोड़ती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
Published on:
13 Mar 2026 08:31 am
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