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योगी सरकार ने रद्द किया कांग्रेस का 33 साल पुराना आदेश, वापस ली जाएगी वक्फ में दर्ज सरकारी जमीन

योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांग्रेस के 33 साल पुराने आदेश को रद्द करते हुए वक्फ में दर्ज सरकारी जमीन की जांच के आदेश दिए हैं। नए आदेश के तहत अब जिन सार्वजनिक जमीन को वक्फ संपत्ति में दर्ज किया गया था तो उसे रद्द कर राजस्व विभाग में मूल स्वरूप में दर्ज किया जाएगा।
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लखनऊ

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lokesh verma

Sep 21, 2022

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कांग्रेस के 33 साल पुराने आदेश को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया। जिसके तहत वक्फ में दर्ज सरकारी जमीन की जांच की बात कही है। आदेश में बताया गया है कि अगर सार्वजनिक जमीन को वक्फ संपत्ति में दर्ज किया गया था तो उसे रद्द करते हुए राजस्व विभाग में मूल स्वरूप में दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में यूपी के सभी मंडल आयुक्तों और जिलाधिकारियों को अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ अनुभाग के उपसचिव शकील अहमद सिद्दीकी की तरफ से पत्र भेजकर सभी भूखंडों की जानकारी एक महीने के भीतर मांगी गई है। इसके साथ ही अभिलेखों को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

गौरतलब हो कि 07 अप्रैल 1989 को कांग्रेस सरकार की ओर से सरकारी संपत्ति को लेकर एक आदेश जारी किया गया था। उस आदेश में तत्कालीन सरकार ने कहा था कि सामान्य संपत्ति बंजर, ऊसर और भीटा आदि भूमि का इस्तेमाल वक्फ कब्रिस्तान, मस्जिद या फिर ईदगाह के रूप में कर रहा है तो उस संपत्ति को वक्फ की संपत्ति के रूप में दर्ज कर दें और दर्ज करने बाद उसका सीमांकन कर दिया जाए। आदेश के बाद उत्तर प्रदेश में लाखों हेक्टेयर बंजर, ऊसर और भीटा भूमि को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कर लिया गया था।

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राजस्व कानूनों के विपरीत था कांग्रेस का आदेश!

वहीं, अब प्रदेश की भाजपा सरकार ने कांग्रेस सरकार के आदेश को रद्द करते हुए नया आदेश जारी कर दिया है। सरकार का तर्क है कि इन संपत्तियों के स्वरूप या प्रबंधन में किया गया बदलाव राजस्व कानूनों के विपरीत है। इस संबंध में राजस्व परिषद के प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग की ओर से शासनादेश जारी करते हुए कांग्रेस के शासन में जारी आदेश को खत्म करते हुए दस्तावेजों को दुरुस्त करने के लिए निर्देश जारी किए गए थे।