
एक ही मंच पर साथ-साथ बैठे रहे सीएम योगी और मंत्री राजभर, दोनों में नहीं हुई कोई बात, जानें- क्यों
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्नयनाथ और सरकार में सहयोगी मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बीच अभी सबकुछ सही नहीं चल रहा है। एक विश्वविद्यालय के कार्यक्रम दोनों एक ही मंच पर साथ-साथ बैठे रहे, लेकिन आपस में कोई बात नहीं की। शनिवार को राजधानी स्थित डॉ शकुन्तला मिश्रा नेशनल रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी में चौथा दीक्षांत समारोह चल रहा था। इस कार्यक्रम में मंत्री ओमप्रकाश राजभर और सीएम योगी आदित्यनाथ एक साथ मंच शेयर कर रहे थे।
डॉ शकुन्तला मिश्रा नेशनल रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी के चौथे दीक्षांत समारोह के छात्र-छात्राओं को डिग्री देने के लिये मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. उमा तुली, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक को बुलाया गया था। इस दौरान सीएम योगी और उनके मंत्री राजभर में कोई बात नहीं हुई।
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राजभर से क्यों नाराज हैं मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्री ओमप्रकाश की बयानबाजी से नाराज बताये जा रहे हैं। हाल ही में मंत्री राजभर ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री खुद कुछ नहीं कर रहे, बल्कि अधिकारियों की सलाह पर ही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी पूर्व सीएम अखिलेश यादव व मायावती की तरह ही उन्हें भी ले डूबेंगे। इसके अलावा पर अति पिछड़ों व अति दलितों को आरक्षण के नाम पर सीएम योगी और पीएम मोदी पर आये दिन कड़ी बयानबाजी करते रहे हैं।
चेतावनी दे चुके हैं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर को उनकी बयानबाजी के लिये चेताते हुए कहा था कि वह रोज-रोज अनर्गल बयानबाजी न करें, नहीं तो मजबूरन उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए भारतीय सुहेलदेव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अगर पिछड़ों-गरीबों की आवाज उठाना गलत है तो वह बार-बार ऐसी गलती करेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी नाराज हो जाये, वह गरीबों और पिछड़ों की लड़ाई जारी रखेंगे।
Published on:
19 May 2018 12:00 pm
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