
फोटो सोर्स : Information Department
Yoga Week: उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ राज्य में बाढ़ प्रबंधन और आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से पूर्व तैयारियों को ग्राम स्तर तक सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया और चेतावनी दी कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष मानसून के पहले से ही बाढ़ संभावित जिलों में तैनात एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन को सजग रहना होगा। उन्होंने कहा कि नदियों के जलस्तर, वर्षा की मात्रा और मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश के जिन जनपदों में बाढ़ का खतरा अधिक रहता है, वहां पहले से ही राहत शिविरों की स्थापना, नावों की व्यवस्था, पीने के पानी, चिकित्सा सुविधाओं, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और अस्थाई आवास की तैयारी पूरी कर ली जाए।
उन्होंने ग्राम स्तर पर बने बाढ़ राहत समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए, साथ ही इन समितियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर स्वयंसेवी संगठन एवं पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, जिससे आपदा के समय समुदाय आधारित त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए गठित NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) एवं SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) को अग्रिम तैनाती के लिए तैयार रखा जाए। सभी उपकरण, जीवन रक्षक सामग्री और आवश्यक दवाओं का भंडारण जिला स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ क्षेत्र वाले जिलों में राहत कार्यों में ड्रोन, रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनता को बाढ़ के प्रति जागरूक करना अति आवश्यक है। इसके लिए जनपदों में जन-जागरूकता अभियान, पोस्टर, पर्चे, रेडियो प्रसारण, सोशल मीडिया कैंपेन आदि के माध्यम से ग्रामीणों को जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक जैसे मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) लागू की जाए और उनका पालन सुनिश्चित हो।
बैठक के दूसरे भाग में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्री मनोज सिंह ने बताया कि 21 जून को पूरे प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि 15 से 21 जून तक योग सप्ताह के रूप में आयोजन किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि योग दिवस महज एक औपचारिकता न होकर जन-जन के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने का माध्यम होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर योग शिविर आयोजित किए जाएं। इसमें स्कूली बच्चों, सरकारी कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी हो।
सभी जिलों को निर्देशित किया गया कि स्थानीय योग प्रशिक्षकों की मदद से सामूहिक योगाभ्यास कराया जाए। इसके लिए पहले से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। स्कूलों, कॉलेजों, खेल स्टेडियमों, सार्वजनिक पार्कों और शहरी सामुदायिक भवनों में योग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया, पोस्टर, एलईडी वैन, एफएम रेडियो आदि माध्यमों से योग के लाभों का प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने आयुष विभाग को जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि योग सप्ताह और बाढ़ तैयारियों के बीच स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि योग कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों के लिए प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। इसके साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू, कालरा जैसी बीमारियों से बचाव के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को अग्रिम रूप से तैयारी रखनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पूरे प्रदेश में “हर घर योग, हर द्वार योग” थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
Updated on:
14 Jun 2025 11:06 am
Published on:
14 Jun 2025 11:06 am
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