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Shiksha Mitra Protest : शिक्षा मित्रों का विरोध रंग लाया, सीएम योगी ने गठित की कमेटी

UP Shiksha Mitra Protest : समायोजन रद्द होने से नाराज चल रहे शिक्षा मित्रों के लिए राहत की खबर है। योगी सरकार उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है।

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लखनऊ. समायोजन रद्द होने से नाराज चल रहे शिक्षा मित्रों के लिए राहत की खबर है। योगी सरकार ने समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। कमेटी में बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभात कुमार सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है।कमेटी शिक्षा मित्रों की सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति, विशेष बीटीसी कराने, मानदेय बढ़ाने सहित अन्य मुद्दों पर अपनी राय देगी। इसके अलावा बीएड-टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी व आशा बहुओं की समस्याओं का समधाना ढूंढ़ने के लिए भी सरकार ने कमेटी का गठन किया है। बुधवार को शिक्षा मित्रों की ओर से राजधानी में मुंडन और जनेऊ त्याग आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये फैसला लिया।

शिक्षामित्रों के आंदोलन के बाद लिया फैसला

सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लगातार सरकार के खिलाफ बढ़ रहे आंदोलन को देखते हुए योगी सरकार ने ये फैसला किया है। बीते दिनों शिक्षा मित्रों को उनके मूल विद्यालय में तैनाती के आदेश दिए हैं, इतना ही नहीं शिक्षा मित्रों को तैनात करने के लिए सरप्लस सहायक अध्यापकों को दूसरे जिले में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। 68,500 सहायक अध्यापकों की भर्ती में भी बोनस अंक दिए गए हैं।

सर मुंडवाकर कर रहे थे विरोध

बता दें कि समायोजन रद्द होने के एक साल पूरे होने पर शिक्षा मित्र काला दिवस मनाया। सरकार से तमाम अपीलों के बावजूद मांगें न मानने के विरोध में वे राजधानी लखनऊ में अपने बाल मुंडवाकर विरोध प्रदर्शन किया। कर रहे हैं। गुरुवार को राजधानी स्थित ईको गार्डेन में हुए इस प्रदर्शन में प्रदेश भर से हजारों की संख्या में शिक्षामित्र शामिल हुए। बाल मुंडवाने के पहले प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों ने अब तक जान गंवाने वाले अपने साथियों की आत्मा की शांति के लिए हवन कर उन्हें श्रद्घांजलि दी। उन्होंने मृतकों के परिवारीजनों के लिए आर्थिक सहायकता की भी मांग की।

कई बार हुई सरकार से वार्ता

समायोजन के मुद्दे को लेकर सरकार से शिक्षामित्रों की कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। सरकार द्वारा दिये जा रहे मासिक वेतन को लेकर भी शिक्षामित्र खुश नहीं हैं।आपको बता दें कि 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था। जिसके बाद से ही शिक्षामित्र आंदोलनरत हैं। उनकी मांग है कि शिक्षामित्रों को पैराटीचर बनाया जाए और जो शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण हैं। उन्हें बिना परीक्षा दिए ही नियुक्ति दी जाए।

बेसिक शिक्षा परिषद निदेशक तलब

प्रदेश के कई जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में इस्लामिया नाम जोडऩे के मामले का उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग के चेयरमैन तनवीर हैदर उस्मानी ने निदेशक बेसिक शिक्षा परिषद को तलब किया है। उन्होंने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है। एक अखबार का दावा था कि देवरिया, गोरखपुर, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, सुलतानपुर, फैजाबाद, श्रावस्ती सहित कई जिलों में प्राथमिक विद्यालयों ने अपने नाम के साथ इस्लामिया शब्द जोड़ लिया है।