
लखनऊ में सबसे ज्यादा 4050 टीबी मरीज चिन्हित, श्रावस्ती में सबसे कम 247 मामले
Yogi Government TB Eradication Campaign : उत्तर प्रदेश सरकार के 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान के तहत अब तक 89,967 टीबी मरीजों की पहचान की गई है। इस अभियान के 69 दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 2.45 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की और 12.65 लाख लोगों को टीबी से बचाव की दवा दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 75 जिलों को कवर किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 के अंत तक प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य के 75 जिलों में चलाए गए इस अभियान में 74% उच्च जोखिम वाले लोग कवर किए जा चुके हैं। राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि लक्षणविहीन लोगों को टीबी से बचाने के लिए टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) के तहत दवा दी जा रही है। अब तक 73,231 मरीजों का इलाज शुरू किया जा चुका है।
सरकार द्वारा टीबी की पहचान और उपचार के लिए 4,78,763 निक्षय शिविर आयोजित किए गए। औसतन प्रतिदिन 4809 शिविर लगाए गए, जहां पर संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग, एक्सरे, माइक्रोस्कोपिक जांच और टीबी की रोकथाम के उपाय किए गए।
अभियान के दौरान लखनऊ में सबसे अधिक 4050 टीबी मरीज मिले, जबकि श्रावस्ती में सबसे कम 247 मामले दर्ज किए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के उच्च जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता दी है। निम्नलिखित श्रेणी के लोगों की विशेष रूप से जांच की गई:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर 2023 में टीबी अभियान की समीक्षा के दौरान इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्देश दिया था। शुरुआत में 15 जिलों में यह अभियान शुरू हुआ था, जहां टीबी के कारण मृत्यु दर अधिक थी। बाद में इसे सभी 75 जिलों में विस्तारित कर दिया गया।
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को 2024 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हर जिले में सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार चाहती है कि समय पर टीबी की पहचान और उपचार हो, जिससे इस बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
टीबी एक गंभीर संक्रामक रोग है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। योगी सरकार के इस अभियान ने उत्तर प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को काफी आगे बढ़ा दिया है।
सरकार का मानना है कि टीबी मुक्त यूपी तभी संभव होगा, जब लोग समय पर जांच कराएं और उचित इलाज लें। इसीलिए टीबी रोकथाम और उपचार को लेकर जागरूकता अभियान भी तेजी से चलाए जा रहे हैं।
यदि इनमें से कोई भी लक्षण हो, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी जांच कराएं। सरकार द्वारा यह जांच और इलाज पूरी तरह मुफ्त दिया जा रहा है। टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए योगी सरकार की यह पहल निश्चित रूप से एक बड़ा कदम है। 100 दिवसीय अभियान के तहत अब तक मिले नतीजे सकारात्मक हैं और आगे भी यह मिशन तेजी से आगे बढ़ेगा।
Updated on:
18 Feb 2025 04:13 pm
Published on:
18 Feb 2025 04:13 pm
