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Yogi Government: आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाने में यूपी देश में नंबर वन

Yogi Government: उत्तर प्रदेश ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करके पूरे देश में अपनी अग्रणी स्थिति को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है, विशेष रूप से आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाने में। इसके चलते यूपी ने अन्य राज्यों के मुकाबले बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए देश में पहले स्थान पर कब्जा जमाया है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Oct 24, 2024

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से प्रदेश बना हेल्थ सेवाओं में अग्रणी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से प्रदेश बना हेल्थ सेवाओं में अग्रणी

Yogi Government: योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को बीमारु प्रदेश से उत्तम प्रदेश बनाने के अपने संकल्प के तहत साढ़े सात साल पहले जब सत्ता संभाली, तब से ही राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई निर्णय लिए। इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की विभिन्न इकाइयों में पूरे देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

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आभा आईडी: उत्तर प्रदेश की विशाल सफलता

ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) की एक प्रमुख इकाई आभा आईडी के तहत उत्तर प्रदेश ने सबसे अधिक आईडी बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सचिव रंजन कुमार के अनुसार, राज्य में अब तक 12.45 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा हैं। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र है, जहां लगभग 5.46 करोड़ आईडी बनाई गई हैं। यह उपलब्धि योगी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर समर्पित नीतियों और योजनाओं का प्रमाण है।

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हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री और फैसिलिटी रजिस्ट्री में भी यूपी आगे

उत्तर प्रदेश हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) में भी अग्रणी बना हुआ है, जहां अब तक 74,789 स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इसमें डॉक्टर, नर्स, आशा कार्यकर्ता आदि शामिल हैं। दूसरे स्थान पर कर्नाटक है, जहां अब तक 58,919 हेल्थ प्रोफेशनल्स का पंजीकरण हुआ है। हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) में भी उत्तर प्रदेश अव्वल है। राज्य में 61,015 चिकित्सा संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का पंजीकरण हो चुका है, जबकि कर्नाटक 60,743 पंजीकरण के साथ दूसरे स्थान पर है। 

स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल से इलाज हुआ और आसान

सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और शीघ्र पंजीकरण की सुविधा देने के लिए स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल का इस्तेमाल हो रहा है। इस प्रणाली के माध्यम से मरीजों को ओपीडी पंजीकरण में लगने वाले 50 मिनट की प्रक्रिया को घटाकर मात्र 5 मिनट कर दिया गया है। स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल में भी उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है, जहां 1.42 करोड़ से अधिक टोकन बनाकर मरीजों को लाभान्वित किया जा चुका है। इस पहल ने इलाज को सुगम और सुलभ बना दिया है, जिससे सरकारी अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो गया है।

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माइक्रोसाइट और ई-हेल्थ रिकॉर्ड में भी यूपी की धाक

उत्तर प्रदेश के 35 माइक्रोसाइट्स आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत निजी स्वास्थ्य सेवाओं में भी डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है। लखनऊ पहला माइक्रोसाइट है जिसने अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके माध्यम से अस्पताल प्रबंधन और कतार प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है।

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इसके अलावा, उत्तर प्रदेश ने 5.25 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) बनाए हैं, जो प्रदेश को देश में दूसरा स्थान दिलाते हैं। इस मामले में आंध्र प्रदेश पहले स्थान पर है, लेकिन जल्द ही यूपी शीर्ष पर पहुंचने की तैयारी में है। 

भविष्य की योजनाएं: देश में नंबर वन बनने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि प्रदेश को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाया जाए। इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड सृजन में जल्द ही प्रदेश पहले स्थान पर आ जाएगा। इसके साथ ही, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अन्य क्षेत्रों में भी प्रदेश को और आगे ले जाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर भी स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में एक मिसाल बने।

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उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के हर क्षेत्र में अपनी दक्षता और योग्यता को साबित किया है। आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री, हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, और इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड के मामलों में प्रदेश का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं और उनकी सख्त मॉनीटरिंग का ही परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं इस स्तर तक पहुंची हैं, जहां अब राज्य को इलाज के लिए किसी दूसरे राज्य पर निर्भर नहीं होना पड़ता।