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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह के बंधन में बंधे 160 जोड़े, आशीर्वाद देने न मंत्री पहुंचे और न विधायक

CG News: मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मंगलवार को संजय कानन में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विधि-विधान से 160 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। इस सरकारी शादी में आर्शीवाद देने के लिए न मंत्री पहुंचीं और न ही विधायक पहुंचे।

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Mahasamund News: कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि व जिला पंचायत अध्यक्ष उषा पटेल ने जोड़ों को आशीर्वाद दिया। संजय कानन में सामूहिक विवाह का आयोजन 11 बजे निर्धारित किया गया था, लेकिन कई जोड़े वैवाहिक रस्म आधा हो जाने तक पहुंचते रहे। इधर, मंत्रोच्चार होता रहा और कई दूल्हे मंगलभवन में दुल्हन का इंतजार करते रहे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी के लिए राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपए का अनुदान सहायता राशि प्रदान किया जाता है। प्रति जोड़ा 50 हजार रुपए का व्यय किया गया है।

इसमें प्रत्येक कन्या को 21 हजार रुपए की राशि बैंक खाते या बैंक ड्राफ्ट के रूप में प्रदान की जाएगी। इसके अलावा 15 हजार रुपए की राशि के उपहार दिए गए हैं। विवाह आयोजन व्यवस्था और परिवहन पर प्रति कन्या 8 हजार रुपए, इसके साथ वर-वधु के कपड़े, श्रृंगार सामग्री पर 6 हजार रुपए व्यय किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी समीर पांडेय ने बताया कि 160 जोड़ों का विवाह गायत्री परिवार के सहयोग से किया गया।

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महासमुंद लोकसभा सांसद चुन्नीलाल साहू का नाम पहले मुख्यमंत्री कन्या विवाह के आमंत्रण-पत्र में शामिल नहीं था। आपत्ति के बाद उनका नाम आमंत्रण पत्र लिखा गया। सांसद चुन्नीलाल साहू ने भी आमंत्रण पत्र में नाम नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। हालांकि, सामूहिक विवाह के मुख्य कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के ज्यादातर वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए। पूर्व वर्षों में भी आमंत्रण को लेकर विवाद हुआ था।

खर्च की बचत

दूल्हा सचिन ने कहा कि सरकार द्वारा अच्छा प्रयास किया गया है। इससे शादी पर होने वाला खर्च भी बच जाता है और वैवाहिक प्रमाण-पत्र भी आसानी से मिल जाता है। महासमुंद नयापारा की राखी ने बताया कि गरीबों की कन्याओं के लिए सरकार ने यह अच्छी पहल की है। इससे गरीबों की भी अच्छे से शादी समन्न हो जाती है।

बारात में शामिल नहीं हो पाए कई दूल्हे

वैवाहिक कार्यक्रम समय पर शुरू हो जाने से सरायपाली और बसना विकासखंड से आने वाले दूल्हे समय पर नहीं पहुंचे। इस कारण वे बारात में भी शामिल नहीं हो पाए। ऐसे जोड़ों को सीधे मंडप पर बैठना पड़ा। कई जोड़े ऐसे भी रहे जो सीधे फेरे के समय ही पहुंचे। एक दुल्हन बसना में परीक्षा देने के बाद वैवाहिक कार्यक्रम में पहुंची थी।

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