
CG Registry Office: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में रजिस्ट्री ऑफिस में तीन दिनों से सर्वर ठप है। जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भूस्वामियों को इंतजार करना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय से 10-45 किमी दूर से आने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
जिन भूस्वामियों ने सोमवार से जमीन की रजिस्ट्री कराने दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर दी है, उनका बुधवार को भी काम नहीं हुआ। सर्वर डाउन होने से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। बुधवार को टोकन लेने के बाद लोग सर्वर चालू होने का इंतजार करते बैठे रहे।
रजिस्ट्री कार्यालय में बुधवार को 40 से ज्यादा लोग रजिस्ट्री के लिए आए थे। दोपहर तक एक रजिस्ट्री ही हो पाई थी। शाम को लोग निराश होकर घर जाने लगे। अप्रैल महीने में जमीन खरीदी-बिक्री की नई गाइडलाइन आने वाली है। इसका असर भी लोगों में देखा जा रहा है। इस कारण लोग मार्च में ही अपनी रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। हालांकि, सर्वर इसमें सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। पूरे परिवार के साथ पहुंचने वालों को निराशा हाथ लग रही है।
महासमुंद विकासखंड में इस बार रजिस्ट्री के लिए 32 करोड़ रुपए का लक्ष्य मिला था। इसमें 22 करोड़ रुपए की राजस्व की प्राप्ति हुई है। 70 प्रतिशत ही लक्ष्य पूरा हो पाया है। मार्च समाप्त होने में अब चार दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में लक्ष्य इस वर्ष भी पूरा नहीं हो पाएगा। पिछले दो वर्षों से रजिस्ट्री कार्यालय महासमुंद लक्ष्य प्राप्त करने में पिछड़ रहा है। उप पंजीयक यूके टंडन ने बताया कि प्रदेश स्तर पर सर्वर डाउन है। यहां से कुछ भी नहीं है। सर्वर डाउन रहने से रजिस्ट्री कम हो रही है।
नवरात्रि हो या धनतरेस रजिस्ट्री ऑफिस में इतनी भीड़ नहीं उमड़ती, जितनी अभी उमड़ रही है। त्योहार में भी रजिस्ट्री कार्यालय का परिसर खाली रहता है। 31 मार्च के पहले ही लोग रजिस्ट्री कराना चाहते हैं। इस कारण लोग शाम तक इंतजार भी कर रहे हैं। घंटों कतार में खड़ा होना पड़ रहा है।
शासन ने आदेश जारी किया है कि 31 मार्च तक छुट्टी के दिन भी रजिस्ट्री होगी। 29 मार्च शनिवार और 30 मार्च रविवार और 31 मार्च ईद के दिन भी कार्यालय खुला रहेगा और लोग रजिस्ट्री करा सकेंगे। इस दिन रजिस्ट्री कराने पर शुल्क भी एक हजार रुपए अधिक देना होगा।
सुभाष नगर निवासी कुसुम साहू ने बताया कि तीन दिन पहले नंबर लगाया था और बुधवार को आने के लिए कहा गया था। सर्वर डाउन बताया गया। गर्मी के सीजन में अव्यवस्था का आलम है। सुबह भीड़ थी, इसलिए दोपहर को आए थे। शाम को भी कार्य नहीं हुआ।
गढ़सिवनी गांव के आसाराम ने बताया कि वे भी तीन दिन से आना-जाना कर रहे हैं। रजिस्ट्री नहीं हो पा रही। अप्रैल में नई गाइडलाइन आएगी, तो मूल्य भी बढ़ सकते हैं। मनिंदर सिंह ने बताया कि दूसरा दिन है। अप्रैल महीने में दाम बढ़ सकते हैं। इस कारण लोग रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, लेकिन घुमाया जा रहा है।
Updated on:
27 Mar 2025 12:29 pm
Published on:
27 Mar 2025 12:26 pm
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