
Diarrhea in CG: पिथौरा ग्राम दुर्गपाली में डायरिया व बुखार के बाद दो महिला की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उपस्वास्थ्य केंद्र में बंद होने के कारण इलाज के अभाव में मौत हो गई। इधर, विधायक संपत अग्रवाल ने इलाज की व्यवस्था में सुधार के निर्देश देते हुए बीएमओ को जमकर फटकार लगाई।
दुर्गपाली गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाकर अन्य मरीजों का उपचार किया जा रहा है। डोर-टू-डोर डायरिया से पीड़ित लोगों की पहचान की जा रही है। बीएमओ बीबी कोसरिया ने बताया कि शुक्रवार को दुर्गपाली से महिला इलाज कराने आई थी। अस्पताल पहुंचने के पूर्व ही उसकी मौत हो गई थी। जिसका उपचार निजी चिकित्सक द्वारा किया जाना बताया गया।
मिली जानकारी के अनुसार रामाकांती पति खीरसागर बरीहा (26) को उल्टी-दस्त व बुखार के बाद तबीयत बिगड़ने लगी। जिसे दुर्गपाली उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां ड्यूटी (Diarrhea in CG) स्टॉफ उमेश दीवान व जमुना तांडी नदारद थे। केंद्र में ताला लगे होने से निजी चिकित्सक के पास ले जाकर इलाज कराया जा रहा था।
तबीयत बिगड़ते देख मरीज को पिथौरा अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचने से पूर्व ही रामाकांती की मौत हो चुकी थी। रामाकांती के 6 माह बच्चे की भी तबियत खराब होने के बाद पिथौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतका रामाकांति के पड़ोसी नुवाड़ाई पति सुखाउराम (65) की भी उल्टी-दस्त से मौत हो गई। सुखाऊराम को उपस्वास्थ केंद धनोरा में भर्ती किया गया है। उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।
एसडीएम हरिशंकर पैकरा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर संपर्क कर रही है। स्थिति नियंत्रण में है। ग्रामीण विश्नेश्वर ने बताया कि उमेश दीवान झलप में निजी अस्पताल में कार्य करता है। इस कारण स्वास्थ्य केंद्र मौजूद ही नहीं रहता। कुछ दिन पूर्व पत्रिका ने खबर का प्रकाशन किया था कि छिबर्रा, दुर्गपाली समेत अन्य उप स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर मुयालय में नहीं रहते। जिसके कारण मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ता है।
ग्रामीण विघ्नेश्वर ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक उमेश दीवान लगभग ड्यूटी से नदारत रहता है। इस प्रकार कल भी उपवास केंद्र में ताला लगे होने के कारण मरीज को अन्यत्र ले जाकर इलाज कराया गया। यदि उप स्वास्थ्य केंद्र खुला रहता तो मरीज की जान बच सकती थी। ग्रामीण (Diarrhea in CG) दोनों डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। बीएमओ बीवी कोसरिया ने कहा कि दोषी डॉक्टर के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर उन पर कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
बिलासपुर जिले में धीरे-धीरे स्वाइन फ्लू ने पैर पसार लिया है। लगातार नए मरीजों की पहचान की जा रही है। इसी कड़ी में 3 नए मरीज मिलने से स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया है। यहां पढ़ें पूरी खबरें…
Published on:
07 Sept 2024 12:30 pm
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