
छत्तीसगढ़ के इस जिले में धान खरीदी के लिए पंजीयन शुरू
महासमुंद. जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 16 अगस्त से प्रारंभ हो गई है। धान उत्पादक किसान 31 अक्टूबर तक पंजीयन करवा सकते हैं। नए किसानों का पंजीयन तहसील मॉड्यूल के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जा रहा है। आवेदन लेने की प्रक्रिया तहसील कार्यालय में शुरू हो गई है।
समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक नए और पुराने किसानों के रकबे में अगर किसी तरह का संशोधन होता है, तो कई बिन्दुओं पर ध्यान रखा जाएगा। पंजीयन के लिए इस बार सावधानी बरती जा रही है। विगत वर्षों में यह शिकायतें आती रही हैं कि कुछ किसान अपने पंजीयन पर या अपने पट्टे पर दूसरे जिले या राज्य के बाहर से आने वाले धान का विक्रय कर रहे हैं।
इस तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए ही किसानों के पंजीयन और धान के रकबे की पूरी जांच-पड़ताल की जा रही है। वहीं इस बार किसान अपनी जमीन के अलावा दूसरों की जमीन, प्राइवेट कंपनी, ट्रस्ट, शाला विकास समिति या महाविद्यालय की जमीन को लीज पर या रेगहा, अधिया लेकर खेती कर रहे हैं, तो ऐसे किसानों का भी पंजीयन किया जा रहा है, भूमि स्वामी की नहीं। नई व्यवस्था के मुताबिक समर्थन मूल्य का भुगतान भी इन्हीं किसानों के खाते में ही डायरेक्ट किया जाएगा।
जिले में धान बीज का उत्पादन करने वाले किसानों के पंजीयन का काम पूरा हो गया। बीज उत्पादक किसानों का पंजीयन जुलाई से 15 अगस्त किया गया। इस बार जिले के 779 किसानों ने धान बीज बेचने के लिए पंजीयन करवाया है। बीज निगम के प्रक्रिया प्रभारी एके वर्मा के मुताबिक बीज उत्पादकों के पंजीयन के लिए जितने आवेदन आए हैं, उन आवेदनों की जांच करने के बाद किसानों की लिस्ट जारी की जाएगी।
डीएल नायक, नोडल अधिकारी ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए किसानों का पंजीयन आरंभ हो गया है।जो पहले से पंजीकृत हैं, अगर वो किसी तरह का संशोधन कर रहे हैं, उनका और नए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया तहसील में चल रही है। किसान 31 अक्टूबर तक समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए अपना पंजीयन करवा सकते है ।
Published on:
28 Aug 2018 05:23 pm
बड़ी खबरें
View Allमहासमुंद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
