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सॉफ्टवेयर से गायब हुई जमीन के रिकॉर्ड, अब हो रही किसानों को परेशानी

भुइयां सॉफ्टवेयर में जमीन का रिकार्ड अचानक गायब होने से कई किसान मुसीबत में पड़ गए हैं।

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महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कई किसानों की रिकॉर्ड गायब होने का मामला सामने आया है। भुइयां सॉफ्टवेयर में जमीन का रिकार्ड अचानक गायब होने से कई किसान मुसीबत में पड़ गए हैं। अब उन्हें अपनी जमीन की जानकारी लेने के लिए भटकना पड़ रहा है। पत्रिका टीम ने जब इस मामले की पड़ताल की, तो पता चला कि जिले के किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन रिकार्ड से गायब हो गई है। पटवारियों के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है। सिर्फ रिकार्ड दुरुस्त करने के लिए आवेदन ले रहे हैं।

भू-अभिलेखों का कम्प्यूटरीकरण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने भुइयां परियोजना के तहत जनता को खसरा तथा बी-वन (खतौनी) जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराने का इंतजाम तो कर दिया है, पर अब इस व्यवस्था की बड़ी खामी सामने आ रही है। महासमुंद जिले में 1145 गांवों के लिए 254 पटवारी हल्का हैं।इन हल्कों में से ज्यादातर में अब यह शिकायत आ रही है कि ऑनलाइन रिकार्ड में उनकी जमीन काफी कम बताई जा रही है।

बेलटुकरी के ओमप्रकाश साहू पिता चेतन लाल साहू जिसकी निजी कृषि भूमि खसरा नंबर 492 रकबा 0.12 हेक्टेयर है। इसे ऑनलाइन दर्ज करने के लिए पिछले कई महीने से पटवारी और तहसील के चक्कर काट रहा है। ओमप्रकाश ने बताया कि उसके पास 478, 481, 479, और 492 चार खसरा नंबर की जमीन है, जिसमें से तीन का तो ऑनलाइल रिकार्ड दर्ज हो गया है, लेकिन खसरा नंबर 492 का रिकार्ड नहीं दिख रहा है।

उसे इस बात की जानकारी तब हुई, जब उसे कृषि कार्य के लिए ऋण लेने की जरूरत पड़ी। पता चला कि भुइयां सॉफ्टवेयर में उसकी जमीन का खसरा नंबर गायब है। ओमप्रकाश का कहना उसने उस भूमि के बदले लिए गए लोन अदा कर चुका है। भुइयां पोर्टल में बंधक मुक्त करा चुका है। इस बारे में पटवारी भी उसे संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा है। इसी तरह से अछोला के किसान तारकेश्वर साहू की 6 एकड़ जमीन के स्थान पर चार एकड़, कौंवाझार के किसान सुरेश घृतलहरे की 3 एकड़ जमीन के स्थान पर डेढ़ एकड़ जमीन का भुइयां साफ्टवेयर में रिकार्ड मिल रहा है। पटवारियों का तर्क है कि तकनीकी खराबी के कारण ऐसा हो रहा है। कुछ पटवारी यह कह रहे हैं कि परेशान होने की जरूरत नहीं हैं।

रहे हैं।

तहसीलदार, विश्वास राव मस्के ने बताया ऑनलाइन रिकार्ड में वैसे तो कोई जमीन कम या गायब नहीं बताता। यदि रिकार्ड ऑनलाइन नहीं बता रहा है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। जैसे जमीन का बैंक में बंधक होना या कोई विवादित भूमि।