महासमुंद

CG Passport: पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए नहीं मिल रही जगह, 5 साल से अटकी योजना..

CG Passport: महासमुंद जिले में डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने के लिए पांच साल के बाद भी जगह फाइनल नहीं हो पाई है।

2 min read
पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए नहीं मिल रही जगह(photo-unsplash)

CG Passport: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने के लिए पांच साल के बाद भी जगह फाइनल नहीं हो पाई है। केंद्र की शुरुआत करने के लिए टीम कई बार निरीक्षण करने के लिए आ चुकी है। जगह पसंद नहीं आने से इसकी शुरुआत नहीं हो पा रही है। विदेश मंत्रायल ने डाक विभाग के सहयोग से पासपोर्ट केंद्र खोलने की योजना बनाई है। योजना के तहत सभी लोकसभा क्षेत्र में पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलना प्रस्तावित है।

महासमुंद जिला आकांक्षी जिले में भी आता है। 2025 में भी फरवरी माह में एक टीम आई थी। डाकघर का अवलोकन किया था। 2024 में भी एक टीम ने डाकघर के प्रथम तल का अवलोकन किया था और यह अधिकारियों को पसंद नहीं आया था। पूर्व में पासपोर्ट सेवा केंद्र के लिए भवन की मांग भी जिला प्रशासन से की गई थी, लेकिन इस ओर प्रशासन ने भी ध्यान नहीं दिया। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों ने भी स्वतंत्र भवन को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

CG Passport: पहले से आसान हुई प्रक्रिया

वर्तमान में लोगों को पासपोर्ट बनाने के लिए राजधानी जाना पड़ता है। विदेश जाने के लिए लोग पासपोर्ट बनाते हैं। लोग आजकल विदेश में शिक्षा, तीर्थ, व्यापार, चिकित्सा और अपने पारिवारिक सदस्यों से मिलने जाते हैं। इसके लिए पोसपोर्ट आवश्यक होता है। जिले से भी विदेश जाने वालों की संया में तेजी आई है। पोस्ट मास्टर बीआर मरकाम ने बताया कि चार माह पूर्व भवन को एक टीम ने देखा था। अभी कुछ फाइनल नहीं हो पाया है। डाकघर के ग्राउंड लोर की जगह टीम ने देखी थी।

कोर्ट परिसर में भी एक डाकघर खोला गया है। स्पीर्ट पोस्ट, रजिस्ट्री और अन्य डाक सेवाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन इस शाखा का विस्तार होगा या नहीं और स्टॉफ बढ़ेंगे या नहीं, इस पर अभी अधिकारी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। इसी वर्ष कोर्ट परिसर में डाकघर खोला गया है।

लोगों के आने-जाने का बचेगा खर्च

विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को पहले से आसान किया है। अब ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। इसमें दस्तावेज जमा करने के लिए ऑनलाइन अपाइनमेंट भी शामिल है। हालांकि, इसके लिए लोगों को राजधानी जाना पड़ता है।

वर्तमान में लोग पासपोर्ट बनाने के लिए राजधानी रायपुर जाना पड़ता था। इसके लिए आने-जाने का खर्च भी होता है। पासपोर्ट सेवा केंद्र भी महासमुंद में बन जाने से लोगों का आने-जाने के खर्च के साथ ही समय की भी बचत होगी और राजधानी पर भी निर्भरता कम होगी। पासपोर्ट बनाने के लिए लोगों को समय लगता है। आसानी से कम समय और कम खर्च में पासपोर्ट बन जाएगा।

Published on:
03 Jun 2025 05:05 pm
Also Read
View All

अगली खबर