
CG Water Supply: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में समोदा-अछोला समूह जल प्रदाय योजना के तहत काम शुरू हुए एक साल हो गए। अब तक 50 फीसदी भी काम नहीं हो पाया। 48 गांवों के करीब 15 हजार लोगों को अब अगले साल की गर्मी में पानी मिल सकेगा।
दिसंबर 2024 तक महानदी पर बने समौदा बैराज से गांवों में पानी पहुंचाने की योजना थी। समूह जल प्रदाय योजना के तहत 48 गांवों में 128 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने की योजना है। अब तक 60 किमी तक पाइपलाइन का विस्तारीकरण हो पाया है। भोरिंग में 75 प्रतिशत पानी टंकी, अछोला में 20 प्रतिशत और जलकी में 30 प्रतिशत ही पानी टंकी का कार्य हो पाया है। पिछले साल ही समोदा बैराज में कार्य शुरू हुआ था। दिसंबर 2024 तक कार्य पूर्ण होना था, लेकिन कंपनी ने एक साल का समय और मांगा है।
वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या इंटेकवेल निर्माण में ही आ रही है। गर्मी के सीजन में गांवों में पानी की समस्या बनी रहती है। खासकर कांपा, भोरिंग आदि जगहों पर जलस्तर काफी कम है। यहां बोर भी असफल होते रहे हैं। 67 करोड़ की लागत से योजना पर कार्य किया जा रहा है। सहायक अभियंता केके साहू ने बताया कि इंटेकवेल बनाने का कार्य जारी है। पानी टंकी और ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के कार्य में तेजी आई है। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में एक साल का समय लगेगा। पूर्व में जो समय दिया गया था, वो पूरा हो चुका है।
समोदा-अछोला समूह जल प्रदाय योजना का लाभ छोपराडीह, परसाडीह, खिरसाली, बंदौरा, सिरपुर, अमलोर, बेलटुकरी, बरबसपुर, बिरबिरा,फुसेराडीह, कुहरी, अचानकपुर, केशलडीह, रायकेरा, सुकुलबाय, गढ़सिवनी, मोहकम आदि गांवों को मिलेगा।
नवंबर 2023 को वर्कऑर्डर जारी किया गया था। सर्वे के बाद कंपनी ने कार्य शुरू हुआ। एक साल बाद भी निर्माण कार्य शुरुआती चरण में ही है। समोदा-अछोला जलप्रदाय योजना 2020 में जल जीवन मिशन में शामिल हुआ और नवंबर 2023 में वर्क ऑर्डर जारी हुआ।
गर्मी के सीजन में आस-पास के तालाब सूख जाते हैं और तालाब-नहर में भी पानी नहीं रहता है। गर्मी के सीजन में जलस्तर भी घट जाता है। समोदा बैराज के आस-पास के गांव कोडार बांध के भी टेल एरिया में आते हैं। इन गांवों में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता है।
Updated on:
20 Mar 2025 04:11 pm
Published on:
20 Mar 2025 04:09 pm
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