
Turmeric Price: कमजोर बुवाई से हल्दी का रंग पड़ा फीका
पिछले कुछ दिनों से हल्दी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। मानसून में देरी के कारण हल्दी की बुवाई प्रभावित हुई है। साथ ही, किसानों ने भी इस बार हल्दी की खेती में कम दिलचस्पी दिखाई है। हल्दी के दाम यूं बढ़ते रहे तो यह जल्द ही 10 हजार रुपए का आंकड़ा पार कर जाएंगे। वायदा बाजार में हल्दी के भाव ने 9718 रुपए प्रति क्विंटल का उच्च स्तर छू लिया है। इस तरह बीते दस दिनों में हल्दी के भाव करीब 23 फीसदी बढ़ चुके हैं। मसाला कारोबारी रामअवतार अग्रवाल ने बताया कि ने मानसून में देरी के कारण हल्दी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हल्दी की बुवाई में कमी आने की आशंका है।
दाम नहीं मिलने से किसान हुए निराश
अग्रवाल ने बताया कि पिछले साल किसानों को हल्दी के दाम बहुत ज्यादा दाम नहीं मिले। सरकार दलहन व तिलहन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अच्छा खासा इजाफा किया, लेकिन हल्दी के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। लिहाजा, किसानों की हल्दी की खेती में पहले जितनी दिलचस्पी नहीं दिखाई। यह भी हल्दी की बुवाई कम होने की एक वजह है। बुवाई घटने की संभावना से हल्दी के दाम बीते 10 दिनों में 20 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 9700 रुपए क्विंटल को पार कर चुके हैं। खुदरा बाजार में वर्तमान में हल्दी के दाम 280 से 300 रुपए प्रति किलो के बीच चल रहे है।
दामों में बनी रहेगी तेजी
अग्रवाल ने कहा कि हल्दी की निर्यात मांग मजबूत बनी हुई। पिछले साल हल्दी का निर्यात 11 फीसदी बढ़कर करीब 1.70 लाख टन हुआ था। इस साल अभी तक 4 फीसदी हल्दी निर्यात हुई। कारोबारी 80 फीसदी से ज्यादा स्टॉक निकाल चुके हैं। इस बीच कम बुवाई और मजबूत मांग से आगे हल्दी की कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है।
Updated on:
23 Jun 2023 11:16 am
Published on:
23 Jun 2023 11:16 am
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