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Bharat Bandh : MP के इस शहर में दिखा ‘भारत बंद’ का असर, अलर्ट पर पुलिस, निकली विशाल रैली

Bharat Bandh : भारत बंद के समर्थन में मंडला जिला मुख्यालय से ओबीसी, एससी, एसटी संयुक्त मोर्चा ने विशाल रैली निकाली। शहर में दिख रहा भारत बंद का असर।

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Bharat Bandh :मध्य प्रदेश में भारत बंद का मिल जुला असर देखने को मिल रहा है। बात करें सूबे के मंडला जिले की तो यहां भारत बंद के समर्थन में जिला मुख्यालय में ओबीसी, एससी, एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा विशाल रैली निकाली गई। खासतौर पर शहर में बंद का खासा असर देखने को मिला रह है।

शहर में बुधवार सुबह से ही सभी दुकानें बंद हैं। वहीं, सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवहन सेवा के नाम पर सिर्फ एक-दो बसें ही चलती दिखाई दे रही हैं। फिलहाल, आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में शहर में किया गया बंद अबतक शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। कलेक्टर से आदेश मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ साथ जिलेभर की पुलिस अलर्ट मोड पर है। चप्पे-चप्पे पर खासा नजर रखी जा रही है। इधर, बंद का असर शहर के निजी संस्थानों के साथ साथ जिला मुख्यालय पर भी दिखाई दे रहा है।

शहर में निकली विशाल रैली

एससी-एसटी आरक्षण के फैसले के विरोध में विभिन्न संगठनों ने आज भारत बंद का आह्वान किया है। इसे लेकर मंडला ही नहीं प्रदेशभर की पुलिस अलर्ट मोड पर है। गृह विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों, पुलिस कमिश्नरों और एसपी को कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भारत बंद के आह्वान को लेकर कोई अप्रिय स्थिति न बने, इसलिए उचित कानून व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

गृह विभाग से जारी हुए आदेश

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क्यों किया जा रहा बंद ?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए देशभर के दलित और आदिवासी संगठनों ने बुधवार को भारत बंद बुलाया है। नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन्स (एनएसीडीएओआर) ने मांगों की एक सूची जारी की है, जिसमें अनुसूचित जातियों (एससी), अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के लिए न्याय और समानता की मांग शामिल है।

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कोर्ट का फैसला

एनएसीडीएओआर ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस फैसले को खारिज करें, क्योंकि ये अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा है। संगठन एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर संसद द्वारा एक नए कानून को पारित करने की भी मांग कर रहा है, जिसे संविधान की 9वीं सूची में समावेश करने के साथ संरक्षित किया जाए। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने 6-1 की बहुमत से एक बड़ा फैसला सुनाया था। इसमें एससी-एसटी समुदाय में उप कोटा लागू करने को सही ठहराया था। साथ ही, पीठ ने एससी-एसटी आरक्षण में ओबीसी आरक्षण की तरह क्रीमी लेयर का फॉर्मूला लागू करने का सुझाव दिया था।