
facts about kanha national park
मंडला। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों अलग अंदाज में हैं। वे इन दिनों टाइगर सफारी में व्यस्त हैं। उन्हें करीब से टाइगर फैमिली को देखने का भी मौका मिला। वे टाइगर को करीब से देखकर ( Dhoni spotted tiger family ) काफी उत्साहित भी हैं। इस बीच कई पर्यटक भी धोनी की एक झलक देखने के लिए नेशनल पार्क के गेट पर जमा हो रहे हैं। इसके अलावा पूरी दुनिया में फैले महेंद्र सिंह धोनी के फैंस 'माही' ( mahi ) की तस्वीरें इंटरनेट पर खोज रहे हैं। धोनी शुक्रवार तक कान्हा नेशनल पार्क में रहेंगे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या अधिक बढ़ने
इंडियन क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी ( Mahendra Singh Dhoni ) और उनकी पत्नी साक्षी धोनी ( sakshi dhoni ) ने बुधवार की सुबह अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ कान्हा नेशनल पार्क के मुक्की जोन में प्रवेश किया। वे सभी कल सुबह लगभग 7 बजे बालाघाट जिले में स्थित पार्क के मुक्की गेट पहुंचे। जंगल सफारी के दौरान उन्होंने मुक्की जोन के खापा बिसनपुरा मैदान, बड़ा तालाब का भ्रमण किया। मुक्की गेट से लगभग 7 किलोमीटर दूरी पर धोनी और उनके साथ गए सैलानियों को सोंढर तालाब के करीब बाघ और बाघिन और एक शावक दिखाई दिया। उनकी जिप्सी टाइगर फैमिली के काफी करीब थी। इन्हें देख धोनी और उनके साथ रोमांच से भर गए। दोपहर 12 बजे धोनी की जिप्सी पार्क से बाहर आई। इस दौरान बड़ी संख्या में वहां इंतजार कर रहे उनके फैंस ने उन्हें घेर लिया और सेल्फी ली।
एक दिन जंगल कैंप में
इससे पहले ( cricketing legend ) महेंद्र सिंह धोनी ( mahendra singh dhoni ) अपने परिवार और दोस्तों के साथ मंगलवार को बैहर क्षेत्र के बिरसी एयर स्ट्रीप पर पहुंचे थे। वे चार्टर्ड प्लेन से दोपहर में लैंड हुए। वे परिवार और दोस्तों ( mahendra singh dhoni family ) के साथ कान्हा नेशनल पार्क में सफारी और जंगल कैम्प करने आए हुए हैं। वे यहां के बंजारा टोला रिसार्ट में ठहरे हुए हैं और धोनी के टाइगर रिजर्व पहुंचने से पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता कर दी गई थी।
कान्हा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि चूंकि प्रत्येक बुधवार की शाम को सफारी बंद रहती है। इसलिए सभी सैलानी सिर्फ सुबह की शिफ्ट में ही पार्क में प्रवेश कर पाए।
kanha national park
कान्हा नेशनल पार्क
देश के बड़े नेशनल पार्कों और घने जंगल के लिए प्रसिद्ध है कान्हा नेशनल पार्क। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और वास्तुकला के लिए विख्यात कान्हा पर्यटकों के बीच हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र बना रहता है। कान्हा शब्दा कनहार से बना है, जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ चिकनी मिट्टी से है। इसके अलावा एक स्थानीय मान्यता यह रही है कि जंगल के समीप गांव में एक सिद्ध पुरुष रहते थे। जिनका नाम कान्वा था। कहा जाता है कि उन्हीं के नाम पर कान्हा नाम पड़ा। कान्हा वाइल्ड लाइफ ( kanha tiger reserve ) के लिए संरक्षण है। यह अलग-अलग प्रजातियों के पशुओं का बड़ा घर है। यह पार्क 940 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है।
( how to reach kanha national park )
कैसे जाएं कान्हा नेशनल पार्क
-कान्हा नेशनल पार्क जबलपुर, खजुराहो, नागपुर, मुक्की और रायपुर से सड़क के माध्यम से सीधा जुड़ा हुआ है।
-जबलपुर रेलवे स्टेशन कान्हा पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी स्टेशन है। वहीं जबलपुर एयरपोर्ट भी है। जबलपुर से कान्हा 175 किलोमीटर दूर है।
-दिल्ली से राष्ट्रीय राजमार्ग-2 से आगरा, राष्ट्रीय राजमार्ग-3 से ब्यावरा राष्ट्रीय राजमार्ग-12 से भोपाल के रास्ते जबलपुर पहुंचा जा सकता है।
-नागपुर एयरपोर्ट से 266 किलोमीटर दूर है। इंडियन एयरलाइन्स की नियमित उड़ानों से पहुंचा जा सकता है। यहां से बस या टैक्सी के माध्यम से कान्हा पहुंचा जा सकता है।
-सफारी का समय सुबह 6 से दोपहर 12 बजे और 3 बजे से 5:30 तक निर्धारित किया गया है।
-यहां प्रवेश और जिप्सी सफारी के लिए अलग-अलग फीस ( kanha national park entry fee ) भी तय है।
-यहां घूमने के लिए अक्टूबर से लेकर जून तक का समय ( best time to visit kanha national park ) सबसे अनुकूल माना जाता है।
-यहां प्रवेश के लिए आनलाइन बुकिंग ( kanha tiger reserve online booking ) भी होती है।
Updated on:
30 Jan 2020 04:13 pm
Published on:
30 Jan 2020 04:12 pm
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