
Mandsaur Car Accident : मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के अंतर्गत आने वाले नारायणगढ़ में रविवार को बाइक से टकराकर कुएं में गिरे कार सवार श्रद्धालुओं को बचाने में अपनी जान गवाने वाले मंदसौर निवासी मनोहर सिंह को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ी घोषणा कर दी है। इस संबंध में खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि, मनोहर सिंह के परिवार से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही, मरणोपरांत मनोहर सिंह को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
आपको बता दें कि, नारायणगढ़ से गुजरते समय कार एक बाइक को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे खुले पड़े कुएं में जा गिरी थी। हादसे में कार सवार 14 में से 10 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उस बाइक सवार की भी मौत हुई, जिससे टकराकर कार कुएं में गिरी थी। टक्कर के बाद कार को कुएं में गिरता देख मार्ग से गुजर रहे मनोहर सिंह ने कार सवारों को बचाने के उद्देश्य से अपनी जान की परवाह किए बिना खुद भी कुएं में छलांग लगा दी। लेकिन, अफसोस कुए के भीतर जहरीली गैस का रिसाव भी हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से कार के साथ कुएं में गिरकर घायल हुए लोगों के साथ मनोहर सिंह की भी मौत हो गई।
मनोहर सिंह के इस बलिदान को मद्देनजर रखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि, मनोहर सिंह के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही, मध्य प्रदेश सरकार मरणोपरांत मनोहर सिंह को वीरता पुरस्कार से सम्मानित करेगी।
इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम डॉ. मोहन यादव समेत देश-प्रदेश के कई दिग्गज नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने घटना के घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की तो वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड से दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से हादसे में जान गवाने वाले हर मृतक के परिवारजन को 2-2 लाख, गंभीर घायलों को 1-1 लाख और सामान्य घायलों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इधर, हादसे में जान गवाने वाले 12 लोगों में से हादसे का शिकार कार सवार 8 लोग रतलाम जिले के जावरा में रहने वाले थे। इनमें से 6 लोग एक ही परिवार के थे। सभी ग्राम खोजनखेड़ा के रहने वाले थे। रतलाम जिले के जिन आठ लोगों की मौत हुई है। मंगलवार को स्थानीय प्रशासन की मौजदूगी में एक साथ सभी का अंतिम संस्कार किया गया है। इनमें से 6 अंतिम संस्कार एक ही स्थान पर हुए, जबि अन्य दो उसी समय गाव के दूसरे स्थान पर। एक साथ इतनी चिताएं जलती देख बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार में शामिल हुए ग्रामीण भी अपनी आंखों से आंसू झलकने से रोक नहीं पाए।
Updated on:
28 Apr 2025 05:00 pm
Published on:
28 Apr 2025 05:00 pm
