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सरकार दे रही थी 50 हजार रुपए-जवाब मिला साहब मैं जिंदा हूं

मृत बताए गए 10 से अधिक लोग जिंदा हैं। तहसील कार्यालय मंदसौर से सूची अनुसार फोन लगाया गया तो दो लोगों ने कहा हम जिंदा हैं.

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सरकार दे रही थी 50 हजार रुपए-जवाब मिला साहब मैं जिंदा हूं

सरकार दे रही थी 50 हजार रुपए-जवाब मिला साहब मैं जिंदा हूं

विकास तिवारी/मंदसौर. सरकार द्वारा कोरोना से मृत लोगों के परिजनों को सहायता राशि के रुपए में 50-50 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। जिसके तहत उस समय मध्यप्रदेश में एक हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जब प्रशासन के लोगों ने कोरोना से मृत लोगों के घर फोन लगाया तो वे लोग खुद बोल उठे साहब मैं जिंदा हूं। जिन लोगों की जिम्मेदारों ने कागजों में मौत बता दी थी।


कोरोना से मृतकों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह (सहायता राशि) के फेर ने जीवित लोगों को भी कागजों में मार दिया है। मंदसौर जिले में आवेदनों के सत्यापन के दौरान यह खुलासा हुआ है।

नया आंकड़ा सामने आने के बाद प्रशासन जांच में जुट गया है। वहीं, पूर्व के आंकड़ों को लेकर भी अब फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। कलेक्टोरेट से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना से जिन लोगों की मौत हुई थी, उनके वारिसों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 130 मृत लोगों की सूची प्रशासन को दी है। कलेक्टर गौतम सिंह ने इस सूची के अनुसार संबंधितों के परिवारजनों से संपर्क करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था। सत्यापन के दौरान खुलासा हुआ कि मृत बताए गए 10 से अधिक लोग जिंदा हैं। तहसील कार्यालय मंदसौर से सूची अनुसार फोन लगाया गया तो दो लोगों ने कहा हम जिंदा हैं, जिसकी जानकारी तहसीलदार को दी गई । ऐसे ही अन्य स्थानों पर भी हुआ है।

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कोरोना से मृतकों की सूची स्वास्थ्य विभाग से दी गई थी। परिवारजनों से बात की तो मुझे कार्यालय के रीडर ने जानकारी दी कि 2 लोग जिंदा हैं।
-मुकेश सोनी, तहसीलदार मंदसौर

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अब तक कोरोना से 197 मृतकों के परिजनों को सहायता राशि स्वीकृत की गई है, 130 की जो सूची मिली थी। उसमें से करीब 10 से अधिक जिंदा निकले हैं।
-आरपी वर्मा, एडीएम मंदसौर