
HDFC AMC ने जारी किया IPO, जानिए इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें
नर्इ दिल्ली। आज HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) का इनिशियल पब्लिक आॅफरिंग (आर्इपीआे) आम निवेशकों के लिए खुल गया है। hdfc amc का 2,794 करोड़ रुपये का IPO निवेशकों के लिए 27 जुलार्इ तक खुला रहेगा। बता दें कि आर्इपीआे पेश करने वाली एचडीएफसी भारत की दूसरी घरेलू म्यूचुअल फंड कंपनी है। एचडीएफसी AMC ने इस आर्इपीअो के लिए 1,095 से 1,100 रुपये का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। इश्यू का लाॅट साइज 13 शेयरों का है, इसका मतलब ये है कि आपको कम से कम 14,300 रुपये निवेश करने होंगे। कंपनी इस अार्इपीआे के जरिए 2794 करोड़ रुपये जुटाएगी। वहीं इसके तहत 2.54 फीसदी शेयर बिकेेंगे। इस आर्इपीआे में एचडीएफसी आैर स्टैंडर्ड लाइफ अपनी-अपनी हिस्सेदारी वाले शेयर बेचेंगे जो कि कुल 12.01 फीसदी होगा। एचडीएफसी AMC सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी है जिसके वजह से विश्लेषकों का मानना है कि उपरी कीमत पर इसका वैल्यूएशन 32 गुना तक बढ़ सकता है।
कितनी होगी कंपनी की हिस्सेदारी
कंपनी की वैल्यूएशन इससे पहले शेयर बाजार में सूचीबद्घ रिलायंस निपाॅन एएमसी की तुलना में करीब 20 फीसदी की प्रिमियम पर है। फिलहाल रिलायंस निपाॅन डिस्काउंट पर कारोबार कर रही है। रिलांयर निपाॅन ने अपना आर्इपीआे पिछले साल अक्टूबर में लार्इ थी जिसे 81.54 गुना तक सब्सक्राइब किया गया था। इस आर्इपीआे में एचडीएफसी का हिस्सा 57.3 फीसदी से घटकर 53.2 फीसदी रह जाएगा। जबकि स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस की हिस्सेदारी 38.2 फीसदी से घटकर 30.2 फीसदी होगी। बता दें कि एचडीएफसी एएमसी की कुल एयूएम (एसेट अंडर मैनेजमेंट) 3,07,500 करोड़ रुपये है।
दूसरी कंपनियों के तुलना में कितना बेहतर है एचडीएफसी एएमसी का आर्इपीआे
एचडीएफसी एएमसी के इस आर्इपीआे की तुलना में दूसरी कंपनियों से करें तो कंपनी का कुल एयूएम में इक्विड बेस्ड एयूएम की हिस्सेदारी 51.3 फीसदी है। इस मामले में इंडस्ट्री की आैसत की बता करें तो ये 43.2 फीसदी है। वहीं इस एएमसी के पास कुल 209 शाखांए हैं जिसमें कुल वितरकों की संख्या 65,000 से अधिक है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी के पास कितना विस्तृत नेटवर्क है।
क्या है विशेषज्ञों की राय
इस मामले से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि एचडीएफसी ब्रांड की छवि काफी साकारात्मक है। आर्थिक मार्जिन के आधार पर देखें तो इक्विटी आधारित एयूएम, स्थार्इ आरआेर्इ, व्यापक वितरण नेटवर्क आै बेहतर डिविडेंड भुगतान कंपनी के पक्ष में काम करते हैं। वहीं एंजेल ब्रोंकिंग के मुताबिक, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में काफी संभवनाएं हैं। मजबूत रिटर्न अनुपात, बेहतर एसेट क्वालिटी, अधिक डिविडेंड भुगतान आैर निवेश के शानदार प्रदर्शन का रिकाॅर्ड इसे एक बेहतर विकल्प बनाता है।
Updated on:
25 Jul 2018 01:31 pm
Published on:
25 Jul 2018 12:15 pm
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