
Jio की एक आैर धमाके की तैयारी, अगले दो से तीन साल में ला सकती है आर्इपीआे
नर्इ दिल्ली। साल 2016 में अपने लाॅन्च के बाद से ही मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो देश के टेलिकाॅम सेक्टर में धूम मचा रही है। देश के आम लाेगों को सस्ते इंटरनेट आैर काॅल की सुविधा देने के बाद मुकेश अंबानी अब अपने निवेशकों को भी एक जबरदस्त तोहफा देने जा रहे हैं। अब रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआइएल) आने वाले दो से तीन साल में अपनी र्इकार्इ रिलायंस जियो की आर्इपीआे (इनिशियल पब्लिक आॅफरिंग) लाने की तैयारी में है। इस बारें में कंपनी से जुड़े एक विशिष्ट सूत्र ने जानकारी दी है। सूत्र ने बताया कि, राजस्व के मामले में जियो अपने एनर्जी बिजनेस को पीछे छोड़ दिया है जिसके बाद कंपनी ने ये फैसला लिया है। सूत्र ने बताया कि, आने वाले समय में रिलायंस जियो की योजनाएं बड़ी हैं आैर वो यदि इस स्तर तक पहुंच जाती है तो इस कंपनी को अपने रिफाइनरी कंपनी सहायता की जरूरत है। ब्लूमबर्ग ने दिसंबर 2017 में ही अपने एक रिपोर्ट में लिखा था कि साल 2019 तक रिलायंस जियो अपना आर्इपीआे ला सकती है।
क्या निवेशक कंपनी में निवेश करेंगे?
सितंबर 2016 में अपने लाॅन्च के बाद से ही जियो दूसरी टेलिकाॅम कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रही है। इसके बाद से देश में टैरिफ वाॅर को लेकर सभी कंपनियों में आक्रमकता देखने को मिली। हालांकि आर्इपीआे को लेकर जियाे के सामने एक सबसे बड़ी समस्या भी खड़ी हो सकती है। इस मामले से जुड़े एक जानकार के मुताबिक, आरआइएल के अधिकतर निवेशकों में डाटा या डीजिटल सर्विस में निवेश की समझ नहीं है। इसके साथ ही कर्इ एेसे निवेशक हैं जो डीजिटल में निवेश करना चाहते तो हैं लेकिन रिफाइनरी सब्सिडरी में निवेश की उनकी इच्छा नही हो सकती है। एक समय के बाद जब सबकुछ सामान्य स्तर पर हो तो आपको अपने निवेशकों को ये विकल्प देना चाहिए कि वो जहां चाहें या वहां निवेश कर सकेंं। लाइवमिंट से अपने बातचीत में कंपनी के एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि, यदि हम जियो को आरआइएल का 100 फीसदी सहायक कंपनी के तौर पर बरकरार रखते हैं तो कुछ अारआइएल के कुछ निवेशक ये कहने के लिए बाध्य होंगे कि वो डीजिटल सर्विस को नहीं समझते हैं। आैर ये उन कारणों में से एक है जिसमें हमारा स्टाॅक प्राइस हमारी सही क्षमता को नहीं दर्शाता है। कम अवधि में हमारा लक्ष्य है कि पहले हम निवेशकों को एंगेज रखें।
तेजी से बढ़ रहे जियो के ग्राहक
31 मर्इ को काे समाप्त हुए वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही तक रिलायंस जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 18.65 करोड़ हो गर्इ है। ये अांकड़े ट्रार्इ के आंकडों के अुनसार है। इसी अवधि के दौरान दूसरी कंपनियों की बात करें तो अार्इडिया सेल्यूलर के ग्राहकों की संख्या में 91 लाख ग्राहकाें की ही बढ़ोतरी हुर्इ है। वहीं भारती एयरटेल लिमिटेड आैर वोडाफोन के ग्राहकों की संख्या में क्रमश: 84 लाख आैर 56 लाख की की बढ़ोतरी हुर्इ है। जियाे को उम्मीद है की जून में समाप्त हो रही तिमाही में कंपनी के ग्राहकों में अभी आैर बढ़ोतरी होगी।
Published on:
25 Jun 2018 03:19 pm
