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Govardhan Puja Muhurat Time : गोवर्धन में आज होगी विशेष पूजा, जानें इससे जुड़ी पौराणिक कथा और पूजन का शुभ मुहूर्त

Govardhan Puja Muhurat Time : सनातन धर्म और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हिंदू शास्त्रों में दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा करने का बहुत बड़ा ही महत्व माना गया है। गोवर्धन पूजा हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा तिथि को की जाती है। गोवर्धन धाम में आज शुभ मुहूर्त में विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा।

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मथुरा

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lokesh verma

Nov 05, 2021

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मथुरा. सनातन धर्म और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हिंदू शास्त्रों में दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा करने का बहुत बड़ा ही महत्व माना गया है। गोवर्धन पूजा हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा तिथि को की जाती है। इस बार यह पूजा 5 नवंबर यानी आज के दिन है। गोवर्धन पूजा के दिन श्रद्धालुओं की यह इच्छा होती है कि वह गोवर्धन परिक्रमा कर भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करें। बता दें कि आज भी भगवान श्री कृष्ण का यह गोवर्धन पर्वत स्थापित है। आज के दिन गोवर्धन की शुभ मुहूर्त में पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

मथुरा (Mathura) से करीब 30 किलोमीटर दूर गोवर्धन धाम (Govardhan Dham) है। यह वहीं धाम है, जहां भगवान श्री कृष्ण ने इंद्रदेव का मान मर्दन किया था और अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत (Govardhan Parvat) को उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। कहा जाता है कि गोवर्धन पर्वत 5500 साल पहले कई हजार मीटर ऊंचा था, लेकिन अब यह पर्वत 30 मीटर तक ही रह गया है। इसके पीछे का कारण है पुलस्त्य ऋषि का श्राप। दरअसल, एक बार पुलस्त्य ऋषि गोवर्धन पर्वत की खूबसूरती से बहुत अधिक प्रभावित हो गए और वह इसे उठाकर अपने साथ ले जाना चाहते थे। ऋषि पुलस्त्य की ऐसी इच्छा जानकर गोवर्धन जी ने पुलस्त्य ऋषि से कहा कि अगर आप मुझे अपने साथ लेकर जाना चाहते हो तो ले जा सकते हो, लेकिन आपने अगर मुझे पहली बार जिस स्थान पर रख दिया मैं उसी स्थान पर स्थापित हो जाऊंगा।

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गोवर्धन की इस बात को सुनकर ऋषि पुलस्त्य सहमत हो गए, लेकिन बीच रास्ते में जब पुलस्त्य ऋषि की साधना का समय हुआ तो उन्होंने पर्वत को नीचे रख दिया। उनके ऐसा करते ही गोवर्धन पर्वत वहीं स्थापित हो गए। इसके बाद पुलस्त्य ऋषि उसे हिला तक नहीं पाए और वह उन्हें भारी लगने लगा, जिससे क्रोधित होकर पुलस्त्य ऋषि ने गोवर्धन पर्वत को श्राप दे दिया कि वह हर दिन घटता चला जाएगा। कहा यह भी जाता है कि गोवर्धन पर्वत हर दिन एक तिल की बराबर घटता है। जिसके कारण आज इसकी ऊंचाई 30 मीटर से कम रह गई है। गोवर्धन परिक्रमा करने के लिए हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और अपने आराध्य की परिक्रमा लगाकर मनोवांछित फल की मनोकामना करते हैं।

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त (Govardhan Puja Muhurat Time)

कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा आज सुबह 2.45 बजे से रात 11.14 बजे तक रहेगी।

- सुबह पूजा मुहूर्त - सुबह 6.36 बजे से 8.47 बजे तक

- शाम का मुहूर्त - दोपहर 3.22 बजे से शाम 5.33 बजे तक

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