
Karwa Chauth: उत्तर प्रदेश के इस गांव में करवा चौथ के दिन एक सन्नाटा पसरा रहता है। इस दिन महिलाएं न तो व्रत रखती हैं और न ही पूजा करती हैं। ये गांव है सुरीर। ये मथुरा से लगभग 60 किलोमीटर दूर है यहां सदियों से चली आ रही परंपराएं अब भी वैसी की वैसी ही हैं।
मथुरा के सुरीर गांव में इस दिन को सती के श्राप के रूप में देखा जाता है। इस दिन महिलाएं करवा चौथ का व्रत नहीं रखती हैं। कहा जाता है कि अगर कोई विवाहिता इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश करेगी तो उसके साथ अनहोनी होने का डर होगा। इस कारण से मोहल्ले में कई परिवार करवा चौथ का त्योहार नहीं मनाते हैं।
इससे एक घटना जुड़ी है जो तकरीबन 200 साल पहले हुई थी। गांव के एक ब्राह्मण युवक की पत्नी के सामने उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद पत्नी ने श्राप दिया और सती हो गई। धीरे धीरे मोहल्ले में शोक और डर का माहौल बन गया और कई परिवारों में विधवाओं की संख्या बढ़ने लगी।अब बुजुर्गों ने इसे सती का श्राप मानते हुए गांव में एक मंदिर का बनवाया और सती की पूजा करने लगे।
मंदिर में सती की पूजा होने लगी तो इसके जरिए कुछ राहत मिली। अब इस घटना के बाद करवा चौथ और अहोई अष्टमी जैसे त्योहारों पर रोक लग गई। इसी के बाद से महिलाएं इन त्योहारों से परहेज करने लगीं। गांव की महिलाएं बताती हैं कि उन्होंने अपने परिवार में कभी किसी को करवा चौथ का व्रत करते नहीं देखा।
Published on:
20 Oct 2024 12:49 pm
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