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पुजारी के सामने झुका प्रशासन, रुका ध्वस्तिकरण का कार्य

विकास प्राधिकरण पर लगाया अवैध वसूली का आरोप

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पुजारी के सामने झुका प्रशासन

मथुरा। हाईकोर्ट के आदेश पर यमुना की खादर में चल रहे ध्वस्तिकरण के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता रमेश पुजारी ने मोर्चा खोल दिया है। पुजारी प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए वृन्दावन के परिक्रमा मार्ग स्थित पानीगांव तिराहे के समीप अनिश्चित कालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। पुजारी के दो दिन धरने का असर यह हुआ कि ध्वस्तिकरण का काम रुक गया। प्रशासन पूरी तरह से झुक गया। अनश्न भी समाप्त हो गया है।

ये है मामला

हाईकोर्ट के आदेश के बाद से वृन्दावन में पिछले तीन दिन से चल रहे अवैध ध्वस्तीकरण के लेकर स्थानीय लोग और संतों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रशासन पिछले तीन दिनों में दर्जनों मकानों को तोड़ चुका है। मकानों के टूटने के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। इसी के चलते सोमवार की दोपहर करीब 1:30 बजे से वृन्दावन के पानी घाट पर स्थानीय लोगों सहित संतों ने भी अनिश्चितकालीन अनशन पर थे। दर्जनों लोगों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना रोष जताया। अनशनकारियों ने प्रशासन पर आशियाएं को उजाड़ने का आरोप लगाया। जो लोग पैसे वाले हैं उनके घरों को प्रशासन उजाड़ नहीं रहा है। हम लोग ये चाहते है की सभी के साथ सामान व्यवहार हो। इनका ये भी कहना है कि लोगों की कोर्ट से रजिस्ट्री की तो फिर प्रशासन मकानों को क्यों तोड़ रहा है। प्रशासन पहले ही यमुना के डूब क्षेत्र में बने मकानों की रजिस्ट्री पर रोक लगा देता तो शायद यह स्थिति ही न आती। गरीबों के आशियानों को तुड़वाकर उन्हें तो बेघर किया जा रहा है लेकिन भूमाफियाओं ओर बड़े इमारतों को बचाने की कोशिश कर रहा है । उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने गरीब जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

रिश्वत लेता है विकास प्राधिकरण

स्थानीय निवासी रमेश पुजारी का आरोप है कि विकास प्राधिकरण लाखों रुपए अवैध वसूल रहा है। इसी के विरोध में अनशन जारी है। आरोप प्रत्यारोप लगाने वालों और अपने बचाव के लिए आरोप लगा रहे हैं । शासन और प्रशासन से हमारी एक मांग है एक तरफ शासन प्रशासन और केंद्र सरकार कहती है कि हम गरीब जनता को मकान देंगे और जनता ने कैसे-कैसे अपने खून पसीने की कमाई से यह घर बनाए मजदूरी करके एक या दो कमरा बनाते हैं उनको तहस-नहस किया जा रहा है बिल्कुल। जिनका कोई कागज नहीं जिनके पास कुछ नहीं और विकास प्राधिकरण लाखों रुपए ले जाता है वृंदावन से कमाकर जब तक रिश्वतखोरी चालू है तब तक नक्शा बराबर चालू है। हालांकि अब प्रशासन ने ध्वस्तिकरण कार्य को रोक दिया है।

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