
(फोटो सोर्स- मथुरा पुलिस)
Mathura road accident मथुरा के यमुना एक्सप्रेसवे हादसे की आग अभी भी नहीं बुझी है; अब यह आग परिवार वालों के दिलों में सुलग रही है। परिजन अपनों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल दे रहे हैं। इसी बीच एक ऐसी खबर आई जिससे लोगों की आंखें नम हो गईं। एक मां हमीरपुर से नोएडा जा रही थी। जिसने अपने दो बच्चों को तो बचा लिया लेकिन स्वयं आग की लपटों में धू-धू कर जल गई। जिसका शव भी परिजनों को नसीब नहीं हुआ। अब पार्वती की पहचान डीएनए टेस्ट से होगी। जो 19 मृतकों में शामिल है।
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित यमुना एक्सप्रेसवे पर अचानक कोहरे का झोंका आने से दर्दनाक हादसा हो गया था।जिसमें 8 बसें और दो कारें जलकर नष्ट हो गई थी। जिसमें कुल 19 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें अब तक पांच की पहचान हुई है। शेष 14 लोगों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जायेगा। जिसके लिए ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं।
मृतकों में हमीरपुर के राठ की रहने वाली पार्वती (45) भी शामिल है जो अपने दो बच्चों 12 वर्षीय शनि और 8 साल की बेटी प्राची के साथ यात्रा कर रही थी। आग लगते ही पार्वती ने प्राची और शनि को जैसे-तैसे बस के बाहर कर दिया। लेकिन खुद बस के अंदर ही फंस गई। संभावना व्यक्त की जा रही है कि दुर्घटनाग्रस्त बस से पार्वती निकलने में असमर्थ थी। लेकिन बच्चों को निकालने में सफल रही।
हमीरपुर से आए गुलजारी लाल अपनी भाभी पार्वती के लिए परेशान है। अब ब्लड सैंपल देकर के पार्वती के शव को प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। जिससे कि वह अंतिम संस्कार कर सके। परिवार वालों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
Updated on:
19 Dec 2025 07:19 am
Published on:
19 Dec 2025 07:19 am
