
मथुरा। कड़ाके की सर्दी शुरू होने के बाद भी तीर्थनगरी वृंदावन में प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जाने का अभी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जिसके चलते गरीब और बेसहारा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आम जनता ने सरकार से शीघ्र अलाव की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।
अपने पैसों से खरीदकर जला रहे अलाव
वृंदावन धाम तीर्थ स्थल है रोजाना बाहर के हजारों लोग दर्शन करने के लिए वृंदावन में आते हैं इनमें तमाम लोग ऐसे होते हैं जिनके पास रात में किसी सुरक्षित स्थान पर रहने की कोई व्यवस्था नहीं होती है और ऐसे लोग सार्वजनिक स्थानों पर सड़क किनारे बैठकर अपनी रात गुजारते हैं। ऐसे लोगों के लिए इस कड़ाके की ठंड के मौसम में अगर आग का साधन मिल जाए तो उन्हें भारी राहत मिलती है।इसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा हर बार सर्दी शुरू होते ही अलाव का इंतजाम कर दिया जाता था लेकिन इस बार मथुरा वृंदावन नगर निगम बन जाने के बाद भी हाड़ कप कपा देने वाली सर्दी के मौसम में अलावके लिए ईंधन का कोई इंतजाम प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है जिसके चलते गरीब और बेसहारा लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड में जब वृंदावन के बाजारों में पत्रिका की टीम ने पड़ताल की तो अधिकांश चौराहों पर और मंदिरों के समीप बस स्टैंड आदि पर अलाव जलते नहीं मिले। वहीं कुछ स्थानों पर, कुछ लोग आग के पास बैठकर गर्माहट लेते नजर आए। रात के वक्त जलती आग के सहारे बैठे लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इस बार अलाव का कोई इंतजाम नहीं किया है। वो खुद ईंधन लाकर अलाव जलाकर रात काट रहे हैं। कुछ लोग तो कूड़ा करकट जलाकर सर्दी से बचने की कोशिश में लगे नजर आए।
नगर निगम ने नहीं जलवाये अलाव
रितिक गौतम, कन्हैया लाल, महेंद्र कुमार दुबे, रामेश्वर सिंह इन सभी लोगों का कहना है कि हम अपने ही पैसों से ईंधन खरीदकर ला रहे हैं और नगर निगम ने अलाव अभी तक नहीं जलवाये हैं। भगवान बांके बिहारी की नगरी वृन्दावन में आज भी सैकड़ों लोग प्रमुख स्थानों के आसपास सड़क किनारे बैठ कर भीख मांगते हैं और रात को वहीं पर सो जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए तो अलाव बहुत जरूरी है।
Published on:
22 Dec 2017 09:33 am
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