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प्रभु सिमरन की ऐसी लागी लगन… 800 किलोमीटर से घर छोड़कर वृंदावन साध्वी बनने के लिए आ गईं तीन युवतियां

साध्वी बनने के लिए तीन युवतियां गुजरात से 800 किलोमीटर का सफर तय करके मथुरा आ गई। तीनों युवतियां बचपन से कृष्ण भक्ति में लीन रहती थी। तीनों आपस में सहेलियां हैं और एक ही गांव की रहने वाली हैं।
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मथुरा

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 1 Nov 2025, 2:07 PM IST

Image Generated by Chatgpt.

मथुरा : मथुरा में 800 किलोमीटर से तीन युवतियां अपना घर छोड़कर वृंदावन आ गई। तीनों युवतियां भक्ति मार्ग पर चलना चाह रही हैं। उनका कहना है कि बचपन से ही वह कृष्ण भक्ति में लीन रहती हैं। इसीलिए उन्होंने अब साध्वी बनने की ठानी।

यह तीनों सहेलियां पालमपुर गुजरात की रहने वाली हैं। वह अपना घर छोड़कर ट्रेन से मथुरा पहुंची। पुलिस सूचना पाकर तीनों को कंट्रोल रूम लेकर गई। वहां से उनके घरवालों को सूचना देकर उन्हें सुपुर्द कर दिया। घरवालों ने बताया कि राजगौर विधि (21) पुत्री नरेश भाई, जिगना (21) पुत्री मेहसा भाई व प्रीति (20) पुत्र दशरथलाल निवासीगण ग्रम देवघर थाना देवघर जिला पालनपुर गुजरात की रहने वाली हैं। तीनों एक ही गांव की रहने वाली थीं और आपस में सहेलियां थीं।

कान्हा की भक्ति में छोड़ दिया घर

तीनों सहेलियों के परिजनों ने बताया कि उनका मन कृष्ण भक्ति में शुरू से ही रमता था। वे ज्यादातर भगवान कृष्ण के भजन गाती थीं और वीडियो को देखती रहती थी। इसके पहले वह द्वारिका में भी दर्शन कर चुकी हैं। इब उनके मन में मथुरा में कान्हा के दर्शन का मन हुआ। इसी के चलते तीनों युवतियां पालनपुर से करीब 800 किलोमीटर दूर मथुरा साबरमती एक्सप्रेस से पहुंच गईं। इसके बाद तीनों सहेलियों ने पहले वृंदावन जाकर कई मंदिरों में भगवान के दर्शन किए। इसके बाद वे मथुरा जंक्शन पहुंची थीं।

कंट्रोल रूम से जीआरपी को मिली सूचना

कंट्रोल रूम से जीआरपी को सूचना मिली कि तीन सहेलियां गुजरात से मथुरा आई हुई हैं। उनकी लोकेशन मथुरा रेलवे स्टेशन के आसपास की बताई जा रही है। सूचना पाकर जीआरपी पुलिस एक्टिव हो गई औऱ तीनों सहेलियों की तलाश करने लगी। कुछ ही देर में एक सिपाही को तीनों युवतियां प्लेटफॉर्म नंबर एक पर मिल गईं। जीआरपी की महिला सिपाही ने उनसे नाम की तस्दीक की। इसके बाद उनके घरवालों को सूचना दी गई तो उनके पिता जीआरपी थाने पहुंच गए। तीनों के उनके पिताओं के सुपुर्द कर दिया गया है।

जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बताया कि तीनों युवतियों ने बताया कि वह वृंदावन में साधू बनने के लिए साबरमती एक्सप्रेस में सवार होकर मथुरा पहुंची थीं। ट्रेन से उतरने के बाद वह पहले वृंदावन गई और वहां पहुंचकर कई मंदिरों के दर्शन किए।

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