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मथुरा की ‘तेजतर्रार’ पुलिस अभी तक नहीं खोल सकी इन बहुचर्चित मामलों को

काफी समय बीत जाने के बाद भी मथुरा के कई बड़े आपराधिक मामलों का भी पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है।

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मथुरा

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Amit Sharma

Feb 08, 2020

मथुरा की ‘तेजतर्रार’ पुलिस अभी तक नहीं खोल सकी इन बहुचर्चित मामलों को

मथुरा की ‘तेजतर्रार’ पुलिस अभी तक नहीं खोल सकी इन बहुचर्चित मामलों को

मथुरा। प्रदेश की सरकार बदलने के बाद उम्मीद थी कि सुर्खियों में रहे बड़े आपराधिक मामलों में सुराग लगाने के साथ ही अपराधियों पर कानून का शिकंजा कसेगा लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। मथुरा के बहुचर्चित अमर कॉलोनी दम्पति लूट और हत्याकांड में न्याय की गुहार लगाते-लगाते नाउम्मीद हुई मृत दंपति की बड़ी बेटी ने जहां सुसाइड तक कर ली थी उस मामले में भी बताने के लिए पुलिस के पास कुछ नहीं है और अभी जांच जारी होने की बात कह रही है। इसके साथ ही वर्ष 2014 में थाना कोसीकलां क्षेत्र में ट्रेन से कटकर पत्नी सहित जान देने वाले संकल्प आनंद केस में भी पुलिस अभी एक खाक ही छान रही है। मृतक संकल्प आनंद ने अपने सुसाइड नोट में 38 रुआबदार लोगों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था लेकिन मामले में 5 साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

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थाना हाईवे

बता दें कि मार्च 2017 में थाना हाईवे इलाके की अमर कॉलोनी में लूट के बाद बदमाशों ने दम्पति बनवारी और उसकी पत्नी रविबाला की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद खुलासे की बात कही थी लेकिन घटना के काफी वक्त बीत जाने के बाद भी अपराधी नहीं पकड़े गए तो मृत दंपति की बड़ी बेटी राखी ने धरना देकर भूख हड़ताल भी की लेकिन फिर भी न्याय का केवल आश्वासन ही मिला जिससे हताश होकर राखी ने भी सुसाइड कर ली। आज घटना को करीब 3 वर्ष होने जा रहे हैं लेकिन पुलिस इस प्रकरण में अपराधियों का सुराग तक लगाने में नाकाम रही और अभी जांच की ही बात कह रही है।

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थाना कोसीकलां

वहीं 15 अक्टूबर 2015 को कोसीकलां थाना क्षेत्र में केंद्रीय गृह विभाग के इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फॉरेंसिक साइंस में लेक्चरर संकल्प आनन्द ने अपनी पत्नी नंदिनी आनंद और बच्ची रिंदिया के साथ आगरा-दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस के सामने कूदकर सुसाइड किया था। घटना में संकल्प और उनकी पत्नी नंदिनी की मौत हो गई जबकि बच्ची रिंदिया बच गई। घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था जिसमें संकल्प ने करोड़ों के लेनदेन और विभागीय अधिकारियों के बढ़ते दबाव को अपने इस कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया था और 38 लोगों का नाम लिखकर उन पर आरोप लगाए थे। इसमें इंस्टिट्यूट के तत्कालीन डायरेक्टर कमलेन्द्र प्रसाद और डीआईजी संदीप मित्तल का नाम भी शामिल था। मामले में एफआईआर भी दर्ज हुई लेकिन इस मामले में भी अभी तक जांच ही चल रही है। बता दें कि मृत संकल्प आनन्द मशहूर गीतकार संतोष आनंद के इकलौते बेटे थे।